फतेह लाइव, रिपोर्टर.
धनबाद स्थित बीआईटी सिंदरी के असैनिक अभियंत्रण विभाग के कक्ष C-51 में आज इंटर्नशिप प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) पंकज राय के दूरदर्शी मार्गदर्शन में झारखंड के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा छह सप्ताह का इंटर्नशिप कार्यक्रम संचालित किया गया। कार्यक्रम के सफल समापन पर 150 से अधिक विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार शर्मा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता एवं आत्मविश्वास विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रमाण-पत्र वितरण के दौरान उन्होंने प्रत्येक छात्र से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया, उनके अनुभवों को जाना तथा भविष्य में निरंतर सीखते रहने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. जीतू कुजूर ने प्रशिक्षण के दौरान उपयोग किए गए विभिन्न इंजीनियरिंग उपकरणों एवं प्रयोगशाला यंत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रत्येक उपलब्ध संसाधन का प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखने की सलाह दी।
डॉ. माया राजनारायण रे ने विद्यार्थियों को राज्य सरकार के Spoken Tutorial Programme, NPTEL, STAAD.Pro तथा अन्य AICTE समर्थित तकनीकी पाठ्यक्रमों के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क कौशल विकास के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल और प्रमाणित तकनीकी दक्षता ही बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करती है।
डॉ. निशिकांत किस्कु ने विद्यार्थियों को अवधारणात्मक ज्ञान, इंजीनियरिंग सॉफ्टवेयर तथा मॉडल विकास पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए नियमित अभ्यास के माध्यम से स्वयं को एक सक्षम अभियंता बनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अभिजीत आनंद ने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की। प्रो. इकबाल शेख ने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप अवधि का सार्थक उपयोग करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। प्रो. सरोज मीणा ने ऑटोकैड, एस्टिमेशन एंड कॉस्टिंग, नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (NDT) तथा अन्य तकनीकी गतिविधियों में प्राप्त व्यावहारिक अनुभव को उनके भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रो. प्रशांत रंजन मालवीय ने पूर्ववर्ती बैचों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया और कहा, “निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।”
फीडबैक सत्र में रूपा पाण्डेय (राजकीय पॉलिटेक्निक, दुमका), कुश कुमार पासवान एवं अनुज कुमार महतो (राजकीय पॉलिटेक्निक, लातेहार) सहित अन्य विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त उत्कृष्ट मार्गदर्शन, ऑटोकैड, नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (NDT), एस्टिमेशन एंड कॉस्टिंग, विभिन्न इंजीनियरिंग सॉफ्टवेयर तथा प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस इंटर्नशिप ने उनके तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
इंटर्नशिप कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. कोमल कुमारी एवं डॉ. अभिजीत आनंद द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन बंदना कुमारी एवं एलन खाल्को ने किया, जबकि संपूर्ण आयोजन की व्यवस्थाएँ एम.टेक. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने कुशलतापूर्वक संभालीं।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विभाग के सभी संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष, आत्मनिर्भर एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल अभियंता बनने के लिए निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया।










