पूर्वी सिंहभूम उत्कृष्ट जिला पुरस्कार से सम्मानित; 49 प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी भागीदारी
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की तृतीय कार्यसमिति बैठक रविवार को देवघर में कई अहम फैसलों के साथ संपन्न हुई। बैठक में संगठन को राज्यभर में और मजबूत बनाने, संविधान में संशोधन, महापंचायत व संपत्ति संरक्षक मंडल के गठन तथा ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन को राज्य का “उत्कृष्ट जिला पुरस्कार” प्रदान किया गया, जबकि जमशेदपुर से पहुंचे 49 प्रतिनिधियों का दल राज्य का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल रहा।

देवघर जिला मारवाड़ी सम्मेलन के आतिथ्य में जैन मंदिर परिसर (श्री श्याम मंदिर के समीप) आयोजित बैठक में झारखंड के सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत स्वागत भाषण एवं प्रांतीय अध्यक्ष के संबोधन से हुई। इसके बाद पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, महामंत्री का प्रतिवेदन, वर्ष 2025-26 के अंकेक्षित आय-व्यय का अनुमोदन तथा विभिन्न जिला एवं शाखा अध्यक्षों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
संगठन सबसे बड़ी प्राथमिकता : प्रांतीय अध्यक्ष
प्रांतीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मेलन का सबसे बड़ा लक्ष्य समाज को एकजुट करना है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही समाज सेवा, शिक्षा, संस्कृति और जनहित के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकता है।

उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिला सम्मेलन की विशेष सराहना करते हुए उसे “झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन का हृदय स्थल” बताया। साथ ही जमशेदपुर के गोपाल मैदान में आयोजित राजस्थान महोत्सव को ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल और उनकी टीम ने पूरे राज्य के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। उनके संबोधन के बाद सभागार में मौजूद प्रतिनिधियों ने लगभग पांच मिनट तक तालियां बजाकर पूर्वी सिंहभूम टीम का सम्मान किया।
संविधान संशोधन पर मुहर, दो नए महत्वपूर्ण निकायों का गठन
कार्यसमिति ने संगठन को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संविधान संशोधन के कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में महापंचायत गठन को स्वीकृति देते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार को इसका संयोजक बनाए जाने पर सहमति बनी। वहीं संगठन की परिसंपत्तियों की निगरानी के लिए संपत्ति संरक्षक मंडल के गठन को भी मंजूरी दी गई, जिसके संयोजक पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल होंगे।
₹25 लाख के ट्रस्ट मामले पर सख्त चेतावनी
बैठक में सम्मेलन के कार्यालय एवं करीब ₹25 लाख की राशि ट्रस्ट में स्थानांतरित किए जाने के मामले पर भी गंभीर चर्चा हुई। कार्यसमिति ने संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों को 31 अगस्त तक समाधान प्रस्तुत करने की समय-सीमा दी। स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित अवधि तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ तो संगठन कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
पूर्वी सिंहभूम को मिला उत्कृष्ट जिला सम्मान
संगठन विस्तार और सर्वाधिक सदस्यता अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन को “उत्कृष्ट जिला पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। जिला संरक्षक दीपक भालोटिया और जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल की पूरे सम्मेलन में विशेष चर्चा रही। बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने बाबा बैद्यनाथ धाम एवं श्री श्याम मंदिर में दर्शन-पूजन कर समाज, संगठन और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
एक नजर में जानिए खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
राज्यभर के मारवाड़ी समाज के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की शुरुआत।
पूर्वी सिंहभूम जिला बना संगठन विस्तार का मॉडल।
संविधान संशोधन और महापंचायत गठन से संगठन को नई दिशा।
₹25 लाख के ट्रस्ट मामले पर पहली बार सख्त समय-सीमा और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
जमशेदपुर की संगठनात्मक सक्रियता पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी।










