Jamshedpur : डीबीएमएस कॉलेज में डिजिटल विषाक्तता (डोपामाइन) को समझना” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन, टाटा मोटर्स अस्पताल के डॉ राजीव शरण ने छात्रों को किया सम्बोधित

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फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर डी.बी.एम.एस कॉलेज ऑफ एजुकेशन के रोटरैक्ट क्लब ने आज के ज्वलंत मुद्दे पर छात्रों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया. डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने “डिजिटल विषाक्तता (डोपामाइन) को समझना” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया, जिसे टाटा मोटर्स अस्पताल के शिशु रोग और नवजात विज्ञान विभाग के प्रमुख आरटीएन डॉ. राजीव शरण ने प्रस्तुत किया।

डॉ. शरण ने बताया कि कैसे अत्यधिक डिजिटल संपर्क मस्तिष्क के डोपामाइन सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे ध्यान अवधि में कमी, चिंता और डिजिटल संतुष्टि पर निर्भरता जैसी समस्याएँ पैदा होती हैं. उन्होंने स्क्रीन टाइम को प्रबंधित करने और छात्रों व शिक्षकों के बीच स्वस्थ डिजिटल आदतों को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ भी साझा की.

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इस इंटरैक्टिव सत्र में संकाय और छात्र दोनों ही शामिल हुए और डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य पर खुली चर्चा को प्रोत्साहित किया गया. इस कार्यक्रम की प्रासंगिकता और युवाओं में डिजिटल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में इसके योगदान की सराहना की गई.

डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्राचार्या डॉ जूही समर्पिता ने डॉ. शरण को उनकी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि के लिए धन्यवाद दिया. अंजलि गणेशन माडरेटर रोटरैक्ट क्लब ने समग्र विकास को बढ़ावा देने वाली शैक्षिक वार्ता आयोजित करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया.

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉक्टर मोनिका उप्पल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए किया. डॉक्टर सुजाता मित्रा ने रोटरी क्लब जमशेदपुर वेस्ट की तरफ से डॉक्टर राजीव शरण का परिचय दिया. डॉ.शरण टाटा मोटर्स के पीडियाट्रिक्स विभाग के अध्यक्ष तथा प्रतिष्ठित रोटेरियन हैं.

बी. एड. की छात्राओं ने डॉ राजीव शरण से मोबाइल के अत्यधिक दुरुपयोग और इस की लत को कैसे छुड़ाएं जैसे अनेक प्रश्न पूछे.
रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर वेस्ट की डॉ.सुजाता मित्रा ने कहा कि रात में सोने से पहले अच्छी पुस्तकें पढ़ने की आदत बनानी चाहिए.

डॉ राजीव शरण ने कहा कि प्रणायाम और मेडिटेशन के द्वारा मोबाइल की लत को दूर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रकृति की तरफ लौटना भी फायदेमंद होता है. सुबह शाम टहलना चाहिए. बच्चों को शाम में मोबाइल ना देकर खेल के मैदान मेंभेजें. कार्यक्रम के सफल आयोजन में सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन , सह सचिव सुधा दिलीप का विशेष योगदान रहा.

प्राचार्या डॉक्टर जूही समर्पिता, एन एस एस इकाई की प्रोग्राम ऑफिसर पूनम कुमारी, तथा सभी शिक्षकगण इस रोचक सत्र से लाभान्वित हुए. रोटरैक्ट क्लब की सचिव पूजा पाल ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया.

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