फतेह लाइव रिपोर्टर


हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा खेला कर दिए जाने की खबर आ रही है ,कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके छह विधायकों को किडनैप करके रखा हुआ है। इधर भारतीय जनता पार्टी का दावा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अल्पमत में आ गई है. जिससे सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के गिरने का खतरा मंडराने लगा है. इधर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी चलने की खबर है पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू को त्यागपत्र दे देना चाहिए और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. वहीं कांग्रेस भी इस संकट से उबरने के लिए गहन मंथन और योजना पर काम करना शुरू कर दिया है पार्टी ने नाराज विधायकों को मनाने के लिए आब्जर्वर नियुक्त कर दिए हैं जिसमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा और डीके शिवकुमार को बड़ी जिम्मेवारी दी गई है जो शिमला जा सकते हैं.
कांग्रेसी सूत्रों का कहना है कि आज थोड़ी देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने वाली है जिसमें 6 बागी विधायकों के नहीं पहुंचने पर ह्विप जारी होगा उनकी सदस्यता भी रद्द की जा सकती है.
इधर हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि उनके साथ 34 विधायकों का समर्थन है सरकार ने विश्वास नहीं खोया है . खबर है कि उन्होंने शिमला के एक निजी होटल में विधायकों के साथ बैठक की है.वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस मुख्यमंत्री बदलने पर भी विचार कर रही है.
गौरतलब हो कि कांग्रेस की ओर से राज्यसभा के लिए अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किया गया था जबकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से हर्ष महाजन प्रत्याशी थे और कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी के जीतने की पुरजोर संभावना थी लेकिन कांग्रेस के 6 विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों के द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने से अभिषेक मनु सिंघवी को हर का सामना करना पड़ा और तो और सरकार पर भी खतरा मंडराने लगा क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि 6 कांग्रेसी विधायक पहले बदलकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं. वही तीन निर्दलीय विधायक भी भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में है.
इधर सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और महासचिव के सी वेणुगोपाल हिमाचल को लेकर गंभीर हो गए हैं बैठकों आयोजित की जा रही है बुधवार को भी बैठक होने की खबर है.
बहरहाल स्थिति में कांग्रेस सरकार खतरे में नजर आ रही है अब देखना है आगे कांग्रेस किस तरह इस खतरे से निपटने में सफल होती है या सफल होती है वरना भाजपा की सरकार यहां भी बननी तय है.