फतेह लाइव रिपोर्टर
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के कैंडिडेट मनीष तिवारी की हार कांग्रेसी विधायकों और निर्दलीय विधायकों के द्वारा क्रॉस वोटिंग के कारण होने की खबर है इसके बाद से हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सरकार पर खतरा मंडरा रहा है इसी उथल-पुथल के बीच खबर आ रही है कि हिमाचल में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने रद्द कर दी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कांग्रेस की याचिका पर ये फैसला सुनाया है. जिन विधायकों की सदस्यता रद्द की गई है, उनमें धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा, कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र भुट्टो, गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा, लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर और बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल शामिल हैं.
स्पीकर ने दलबदल कानून के तहत ये फैसला सुनाया है और सभी को अयोग्य करार दिया. विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा, ”विधानसभा में बजट पारित करने के समय ये विधायक मौजूद नहीं थे. मैनें उनको अयोग्य घोषित कर दिया है. ये विधायक किसी और पार्टी से जीतते हैं और किसी और विधायक को वोट करते हैं.”स्पीकर ने कहा कि लॉ कमीशन की रिपोर्ट कहती है कि आया राम और गया राम की राजनीति नहीं होनी चाहिए.

