फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर अभिभावक संघ ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपकर आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम, 2009 के तहत नामांकित आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों से निजी विद्यालय द्वारा फीस वसूले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। संघ ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

संघ के अध्यक्ष उमेश कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि बालीचेला स्थित एक निजी विद्यालय में आरटीई के तहत वर्ष 2026-27 के लिए कक्षा आठ तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन किया गया है। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन अब इन विद्यार्थियों से फीस जमा करने का दबाव बना रहा है। फीस जमा नहीं करने वाले छात्रों के परीक्षा एडमिट कार्ड रोकने की भी शिकायत की गई है, जिससे अभिभावकों में चिंता का माहौल है।

शिकायत पत्र में कहा गया है कि अधिकांश प्रभावित अभिभावक घरेलू कामगार, झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने या अन्य असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूर हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे निजी विद्यालय की फीस का भुगतान कर सकें। ऐसे में विद्यालय द्वारा फीस की मांग आरटीई अधिनियम की भावना और प्रावधानों के विपरीत बताई गई है।

 संघ ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और झारखंड शिक्षा से जुड़े प्रावधानों के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद यदि किसी विद्यालय द्वारा फीस वसूली या शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न की जाती है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। संघ ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा सभी पात्र विद्यार्थियों को बिना किसी आर्थिक दबाव के निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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