फतेह लाइव, रिपोर्टर.


जमशेदपुर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए मेट्रो रेल का परिचालन किया जाए। उक्त आशय की मांग को लेकर ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ दक्षिण पूर्व रेलवे के महासचिव कृष्ण मोहन प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांग पत्र प्रेषित किया है। उल्लेखनीय है, कि आज 15 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का टाटानगर रेलवे स्टेशन में आगमन होना था। खराब मौसम के कारण टाटानगर सहित छह वंदे भारत ट्रेनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रांची से ही ऑन लाइन झंडी दिखाकर रवाना किया।
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उक्त अवसर पर ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ दक्षिण पूर्व रेलवे के महासचिव कृष्ण मोहन प्रसाद ने महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व रेलवे के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक मांग पत्र प्रेषित किया है। उक्त पांच सूत्री मांग पत्र में औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में बढ़ते हुए प्रदूषण की रफ्तार को नियंत्रित करने एवं भविष्य में एक सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त विश्व स्तरीय औद्योगिक नगरी के रूप में टाटानगर को स्थापित करने हेतु मेट्रो रेल सेवा का शुभारंभ करने की मांग की गई है।
ताकि प्रदूषण मुक्त मेट्रो रेल सेवा के परिचालन से कम मूल्य पर बिष्टुपुर, साकची, कदमा, सोनारी, टेल्को , बिरसा नगर, मानगो, गमहरिया एवम आदित्यपुर जैसे विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाया जा सके। जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र में मेट्रो रेल सेवा के शुभारंभ होने से रोड ट्रैफिक के ऊपर भार कम होने के साथ-साथ ही बढ़ते प्रदूषण से भी राहत मिलेगी ।
इसके अलावा माल लदान के क्षेत्र में सर्वाधिक आय प्रदान करने वाले चक्रधरपुर रेलवे मंडल में इंडियन आर्मी के तर्ज पर एक रेलवे मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने की मांग की गई है। आए दिन रेलवे में घटित होने वाली दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य में सफलतापूर्वक इसके रोकथाम के लिए रेल कर्मचारियों को संरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशिक्षित करने हेतु अलग से एक आपदा एवं संरक्षा प्रबंधन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की गई हैं।
इसके अलावे रेलगाड़ी के परिचालन के दौरान गैर लाइसेंसधारी खाद सामग्री विक्रेताओं की गतिविधियों पर नजर रखने हेतु उनका उचित जांच पड़ताल करने के पश्चात योग्य पाए जाने वाले वेंडरों को लाइसेंस प्रदान कर रेलगाड़ी में आवश्यक खाद सामग्री बेचने के लिए उन्हें अधिकृत करने की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है, कि रेलगाड़ी परिचालन के दौरान प्रायः यह देखा गया है कि रेल गाड़ियों में गैर लाइसेंसी वेंडर धड़ल्ले से अपनी खाद सामग्री बेचा करते हैं। बहुत सारी रेल गाड़ियों में पेंट्री कार नही होने के कारण ग्राहकों को आवश्यक खाद सामग्री गाड़ियों में उपलब्ध नहीं हो पाती , वैसी रेल गाड़ियों में ग्राहकों की संबंधित आवश्यकता की पूर्ति गैर लाइसेंसी वेंडरों के द्वारा ही संभव हो पाती है।
परंतु ग्राहकों की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए ऐसे वेंडरों की समुचित जांच पड़ताल कर उनसे उचित लाइसेंस शुल्क प्राप्त पर उन्हें रेलगाड़ियों में उचित मूल्य पर आवश्यक खाद सामग्री बेचने का लाइसेंस प्रदान करने की मांग की गई है, ताकि रेल यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण खाद सामग्री उपलब्ध हो सके। साथ ही भारतीय रेल में ओबीसी के खाली पड़े पदों को विशेष बहाली निकालकर अविलंब भरे जाने की मांग भी की गई है।