फतेह लाइव, रिपोर्टर.


सरायकेला-खरसावां जिला में एसपी ऑफिस के सामान्य शाखा में पदस्थापित सिपाही ओम प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया है. इस संदर्भ में सरायकेला खरसावां एसपी मुकेश लुणायत ने फतेह लाईव को बताया कि ओम प्रकाश सिंह के वायरल ऑडियो की जांच में मामला सत्य पाया गया है, जिसके बाद उसे दो दिन पहले ही निलंबित कर दिया गया है.
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एसपी ने फतेह लाईव को बताया कि स्क्रैप सिंडिकेट पर नजर रखने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं और जिले में अवैध धंधों पर लगाम लगाने का प्रयास जारी है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जांच करने की जरूरत है और इस पर पैनी नजर रखी जाएगी, तो बहुत बड़ा खुलासा हो सकता है. मालूम हो कि फतेह लाइव ने गत 9 जुलाई के अंक में एसपी ऑफिस में ही स्क्रैप सिंडिकेट का लाइजनर, आईपीएस अधिकारियों का ले रहा नाम, ऑडियो सुनकर रह जायेंगे दंग शीर्षक से खबर चलाई थी. इसमें उक्त जवान और स्क्रैप व्यापारी के साथ हो रही बातचीत की ऑडियो भी सार्वजानिक की थी.
जिसकी गूंज पुलिस मुख्यालय तक गूंजी थी. यह ऑडियो पूरे पुलिस के सिस्टम की पोल खोल रहा था. इसी दौरान एक-दो दिन पूर्व ही नए एसपी के रूप में जमशेदपुर से सरायकेला में मुकेश लूणायत ने योगदान दिया था. उन्होंने इसे गंभीरता से लिया था और पूरे मामले की जांच के लिए डीएसपी को नियुक्त किया था. इसकी गंभीरता से जांच कराई. जांच रिपोर्टर आने के बाद गुरुवार को ओपी सिंह को एसपी ने निलंबित कर दिया.
बता दें कि ओम प्रकाश का लाइजनिंग सिस्टम सिर्फ एक ऑडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि उस स्क्रैप सिंडिकेट के जड़ तक इसके तार जुड़े हैं. जहां हर महीने मोटी कमाई हो रही थी. सूत्रों की मानें तो मुख्यालय तक चर्चा में रहे इस मामले पर पिक्चर अभी बाकी है. बशर्ते कि एक नेताजी की पैरवी काम न आए और उच्च स्तरीय जांच ईमानदारी के साथ पुनः शुरू हुई तो बहुत सारे चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे.
बताते चलें कि तीन माह पहले फतेह लाईव द्वारा स्क्रैप सिंडिकेट को लेकर एक्सक्लुसिव खबरें चलाई गई थी, जिस पर पूरे कोल्हान से लेकर पुलिस मुख्यालय तक की नजर थी. कोल्हान के तीनों जिलों में स्क्रैप माफियाओं की कार्यशैली से चोरी और सीनाजोरी को अधिकारियों की मिलीभगत से कैसे अंजाम दिया जाता रहा है, यह बताया गया था. इसमें लाइजनिंग सिस्टम और फर्जी जीएसटी बिल के जरिए चोरी का स्क्रैप खपाने में पुलिस और स्क्रैप धंधेबाजों के बीच हर महीने करोड़ों के खेल को भी दर्शाया गया था.
ताबड़तोड़ खुलासा करती खबरों के बीच स्क्रैप माफिया मुन्ना जायसवाल ने फतेह लाईव के संपादक को धमकी भी दी थी, जिसकी शिकायत तत्कालीन सरायकेला-खरसावां एसपी और जमशेदपुर एसएसपी को भी दी गई थी. इसके बाद AISMJWA पत्रकार संगठन की पहल पर परसुडीह थाना में मुन्ना जायसवाल के खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया था. सिंडिकेट के खुलासों से चर्चा में आई खबरों के नॉन स्टॉप सीरियल के बाद फतेह लाईव की खबरों पर लगातार मुहर लगती आई है. अभिजीत कंपनी हो या रेल संपत्ति की चोरी इसमें लाईजनरों के सिस्टम की पोल खोल अभियान सिर्फ फतेह लाईव द्वारा ही शुरू किया गया है जो आगे भी जारी रहेगा.