Tatanagar Station : जमीन के खेल में रेलकर्मी के आत्मदाह का मामला फिर चर्चा में, बागबेड़ा थाना पहुंचा आरटीआई का पत्र, कमलेश कुमार बोले घटना में गरीब लाचार रहते तो अब तक वे जेल के अंदर रहते, चुप नहीं रहूंगा अदालत जाऊंगा

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आरटीआई  विभाग कांग्रेस के चेयरमैन कमलेश कुमार ने मांगी आरटीआई के तहत जानकारी, 11 दिन बाद भी कोई सूचना नहीं मिली, ससमय प्रथम अपील की तैयारी

फतेह लाइव, रिपोर्टर।

बागबेड़ा थाना अंतर्गत रेलवे ट्रैफिक कॉलोनी में जमीन के खेल में एक रेलकर्मी सुनील कुमार पिल्ले ने आरपीएफ पोस्ट टाटानगर द्वारा उसके परिवार को हाजत में बंद करने एवं उसकी पिल्ले मेमोरियल क्लब की जमीन को कारोबारी ओम प्रकाश कसेरा को कब्ज़ा कराने के खिलाफ आत्मदाह कर लिया था. यह मामला देश भर में सुर्खियों में बना था. क्यूंकि मरने के पहले हॉस्पिटल में पिल्ले ने खुद सनसनी खेज बयान वीडियो के द्वारा दिया था और कहा था कि लैंड विभाग और आरपीएफ की प्रताड़ना से उसने यह कदम उठाया है.

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उस घटना की सच्चाई को लोग आज भी जानने को इक्छुक हैं. भले ही स्थानीय स्तर पर आंख में धूल झोंकने वाली कार्रवाई कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. अब इस मामले की सच्चाई को सामने लाने को लेकर कांग्रेस आरटीआई विभाग के चेयरमैन कमलेश कुमार लगे हुए हैं. उन्होंने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, डीजी आरपीएफ, आईजी तक मामला पहुंचाते हुए जांच की मांग की है तो रेलवे में भी सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांग कर अधिकारियों की नींद उड़ा रखी है. अब कमलेश कुमार ने बागबेड़ा थाना प्रभारी से सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी है. 28 अगस्त को उन्होंने यह कार्रवाई की है, लेकिन 11 दिन बीत जाने तक उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है. ऐसे में वह ससमय प्रथम अपील की जाने की तैयारी कर रहे हैं.

कमलेश कुमार

इस मामले को लेकर कमलेश कुमार ने कई बिंदु पर जांच की मांग की है और आरपीएफ ओसी संजय कुमार तिवारी को भी जांच के दायरे में लिया है. कमलेश कुमार ने कहा कि इस मामले में लीपापोती की जा रही है. दोषी खुलेआम घूम रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है. यही मामले में गरीब लाचार रहते तो अब तक वे जेल के अंदर रहते. अब थाना प्रभारी से उम्मीद करते हैं कि वह मामले में निष्पक्ष काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वह मामले में जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायलय तक जायेंगे, लेकिन चुप नहीं रहेंगे. पिल्ले की मौत व्यर्थ नहीं जाएगी. बहुत से कागजात प्राप्त हो चुके हैं. आगे भी मामले को लेकर काम किया जा रहा है.

कमलेश कुमार का आरटीआई मांगने का उद्देश्य झारखंड सरकार एवं भारत सरकार में पदस्थापित रेल सुरक्षा बल को कुछ लूटेरे पूंजीपतियों द्वारा गलत कार्य करने हेतु अवैध राशि देकर मनचाहा अवैध कार्य कराने का कार्य जमशेदपुर सहित पूरे जिले में जोर शोर से चल रहा है. उक्त अवैध क्रियाकलापों को समाप्त करने तथा भूल से किये जा रहे अन्याय को बढ़ाने की सोच में परिवर्तन कर पारदर्शिता लाने हेतु यह सूचना अतिवश्यक है.

थाना प्रभारी से ये मांगी गई सूचना अधिकार के तहत जानकारी

तीन पॉइंट का वह पत्र हूबहू पढ़िए

सुनील कुमार पिल्ले रेल कर्मचारी का आत्मदाह से दिनांक 2 जुलाई 2023 को मृत्यु हो गई. उस मृत्यु के एवज में बागबेड़ा थाना कांड संख्या एवं दैनिक अनुसन्धान की प्रति तथा थाना द्वारा न्यायलय को अग्रसरित किये जाने वाले कागजात तथा प्राथमिक सूचना की छाया प्रति उपलब्ध कराई जाये.

दिनांक 2 जुलाई को रेल कर्मचारी सुनील पिल्ले को प्रताड़ित कर आत्मदाह करने पर मजबूर किये जाने के कार्यों में दर्ज प्राथमिक एफआईआर में नामित व्यक्तियों में से कितने को न्यायलय के शरण में समर्पित किया गया है और कितने फरार घोषित हैं तथा कितने पर कार्रवाई अब तक नहीं हुई है. सभी का विवरण दिया जाये.

सुनील पिल्ले रेल कर्मचारी के पूर्व पिता एवं सामाजिक सहयोग से अर्जित क्लब की जमीन पर व्यवसाई ओम प्रकाश कसेरा के द्वारा किये गए दावा की उनके द्वारा उक्त क्लब की जमीन उन्हें प्राप्त है उसके प्रमाण में ओम प्रकाश कसेरा व्यवसाई के द्वारा कौन कौन कागजात बागबेड़ा थाना में जमा किये गए हैं. उसकी सम्पूर्ण विवरणी उपलब्ध कराई जाये तथा कसेरा के द्वारा आत्मदाह कराने के क्रियाकलापों में मुख्य भूमिका होने के नाते उनके विरुद्ध अब तक क्या क्या कार्रवाई हुई है तथा अनुसन्धान पदाधिकारी द्वारा क्या क्या प्रश्न पूछा गया है तथा सम्बंधित सुसंगत कागजात की मांग की गई है तथा अब तक उनकी गिरफ्तारी के लिए बागबेड़ा थाना द्वारा क्या क्या कार्रवाई हुई है उसकी सूचना उपलब्ध कराई जाये.

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