नामांकन करने की अंतिम तारीख में प्रधानगी के लिए विपक्ष के 4 और पक्ष के 2 लोगों ने जमा किया पर्चा, कुल 8 लोगों ने की उम्मीदवारी

गुरदयाल मानावाल ने समर्थकों संग वाहेगुरु का सिमरन करते हुए निकाली रैली, अरदास करने के बाद सौंपा नामांकन पत्र
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के चर्चित टिनप्लेट 10 नंबर बस्ती स्थित गुरूद्वारे में चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है. मंगलवार की शाम प्रधान पद के लिए नामांकन करने का अंतिम दिन था. सब कुछ शांत था, लेकिन नामांकन करने के बाद ही विपक्ष के लोगों के सब्र का बांध टूट गया और गुरुद्वारा के कार्यालय में ही दोनों गुटों के बीच हंगामा शुरू हो गया. दरअसल, विपक्ष के लोगों ने वहां मौजूद वर्तमान प्रधान सुरजीत सिंह खुशीपुर का विरोध करते हुए अपनी बात को एक एक कर रखना शुरू किया. इस दौरान स्थिति बिगड़ते_बिगड़ते बच गई और गुरु घर की मर्यादा कायम रही. वहां मौजूद दोनों पक्ष के सूझवान लोगों ने मामला शांत कराया. पूर्व प्रधान तरसेम सिंह सेमे का भी इसमें योगदान रहा.
विपक्ष के लोगों ने वहां सुरजीत ख़ुशीपुर से पूछा कि आप उम्मीदवार हैं तो फिर प्रधान की कुर्सी पर क्यों बैठे हैं. अब तक कमेटी क्यों नहीं भंग की गई. नामांकन लेने से पूर्व चुनाव संयोजक के नेतृत्व में कमेटी का ऐलान क्यों नहीं किया गया. इस पर सुरजीत सिंह ने तर्क दिया कि इससे पहले प्रधान ने भी बिना इस्तीफा देते हुए चुनाव कराया था. इस पर विपक्ष और भड़क गया और कहा कि पहले प्रधान उम्मीदवार नहीं थे, आप उम्मीदवार हैं. इसे लेकर गुरचरण सिंह बिल्ला ने कहा कि पूर्व के चुनाव के समय भी 2022 में नोटिफिकेशन जारी हुआ था और 2023 में चुनाव कराया गया था. तब संविधान कहां गया था. हमभी सब संविधान से ही चल रहे हैं.

हंगामा बढ़ते देख सुरजीत ने लोगों को आश्वासन दिया कि बुधवार को कमेटी को भंग कर देंगे. इतने में सब शांत होने ही वाला था कि तभी वहां मौजूद विपक्ष के समर्थक सुखदेव सिंह मल्ली को पक्ष के एक समर्थक ने बाहर जाने के लिए कह दिया, जिसके बाद मल्ली से कहासुनी शुरू हो गई. मल्ली भी वहां अड़ गए और कहा कि वह अभी चेयरमैन हैं, तो उन्हें किस वजह से बाहर जाने को कहा गया. मल्ली ने कहा कि कौन किस पक्ष का है यह कहना उचित नहीं है. इसके बाद वहां खुशीपुर और गुरचरण बिल्ला ने मामला रफा दफा कराया. कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि कोई अनहोनी नहीं हुई.

विपक्ष ने सुबह सीजीपीसी में इसी रोष को किया था व्यक्त
इससे पूर्व मंगलवार की सुबह विपक्ष का एक प्रतिनिधिमंडल साकची सीजीपीसी के दफ्तर पहुंचा था. जहां उन्होंने अपने रोष को प्रकट करते हुए ख़ुशीपुर की कमेटी भंग करने, चुनाव कमेटी बनाने और निष्पक्ष चुनाव को लेकर सीजीपीसी को हस्तक्षेप करने की मांग की थी. प्रधान भगवान सिंह ने मानावाल समर्थकों को भरोसा दिया था कि वह मामले को गंभीरता से देखेंगे. गुरु घर की मर्यादा को दाग नहीं लगेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में हरजिन्दर सिंह मत्तेवाल, सतपाल सिंह, प्रताप सिंह, कुलवंत सिंह, लखबीर सिंह व अन्य शामिल थे.

अंतिम दिन छह उम्मीदवारों ने भरा पर्चा, दोनों गुटों से हुए 4-4 उम्मीदवार
टिनप्लेट 10 नंबर बस्ती गुरुद्वारा चुनाव की प्रधानगी को लेकर मंगलवार को गुरदयाल सिंह मानावाल समेत परमजीत सिंह वैरोनंगल, कुंदन सिंह और कुलवंत सिंह बाणीयां (सभी विपक्ष के) ने नामांकन किया. इसके साथ ही मंगलवार को ही सीजीपीसी के महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला और टिनप्लेट गुरुद्वारा सिख नौजवान सभा के प्रधान सरताज सिंह बाजवा उर्फ ताजे ने भी सादगी के साथ नामांकन महासचिव जसपाल सिंह को सौंपा.

इससे पूर्व 30 मार्च सोमवार को भी मौजूदा पक्ष से प्रधान सुरजीत सिंह ख़ुशीपुर और बलवंत सिंह सेरों ने नामांकन किया था. कुल मिलाकर दोनों गुटों के चार-चार उम्मीदवारों ने प्रधान के लिए दावेदारी की है. इनमें कौन कौन उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेते हैं. यह देखने वाली बात होगी. अब तक विपक्ष के मानावाल का चुनाव में आना तय माना जा रहा है, जबकि पक्ष से सुरजीत या बिल्ला मैदान में उतरेंगे, इस पर सस्पेंस बना हुआ है. खैर 8 अप्रैल को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के साथ साथ उम्मीदवारों की धार्मिक जांच होनी है. 10 अप्रैल को नाम वापसी की तिथि रखी गई. उसी समय साफ होगा कि मैदान में आमने सामने कौन होंगे.

सतनाम वाहेगुरु के सिमरन से गूंजा सिंधु रोड, 200 से अधिक समर्थकों के साथ आये गुरदयाल
बुधवार को नामांकन करने के लिए गुरदयाल सिंह मानावाल और उनके गुट के तीन अन्य उम्मीदवार 200 से अधिक समर्थकों के साथ रैली की शक्ल में टिनप्लेट गुरुद्वारा के लिए निकले. झूला मैदान से टिनप्लेट गुरुद्वारा तक समर्थक सतनाम वाहेगुरु का सिमरन करते हुए चल रहे थे. इससे सिंधु रोड भक्तिमय हो उठा. टिनप्लेट गुरुद्वारा आने पर “बोले सोनिहाल सतश्री अकाल” के उद्घोष से इलाका गूंज उठा. गुरुद्वारा आकर गुरु दरबार में शीश झुकाया और अरदास में शामिल होने के बाद सभी ने एक एक कर 11 सौ रूपये की जमानत राशि के साथ अपना नामांकन कमेटी में जसपाल सिंह को दिया.
विपक्ष खेमे से ये लोग रहे मौजूद
तरसेम सिंह, नानक सिंह, गुरदीप सिंह, सुखदेव सिंह मल्ली मंजीत सिंह, जसबीर पदड़ी, हरजिंदर सिंह मतेवाल, सतपाल सिंह मतेवाल, कुलदीप सिंह, कमलजीत सिंह, प्रताप सिंह,कुलवीर सिंह, हरदेव सिंह चहल, रशपाल सिंह, जोगिंदर सिंह विक्की, सुंदरी, परमजीत सिंह, राजेंद्र सिंह तरसिक्का, राजेंद्र सिंह खालसा, लखबीर सिंह, अमरजीत सिंह, जसवंत सिंह, जोगिंदर सिंह, मलकीत सिंह आदि.
मौजूदा खेमे से ये लोग थे उपस्थित
रंजीत सिंह एकलगड्डा, सुरजीत सिंह खुशीपुर, गुरचरण सिंह बिल्ला, मंजीत सिंह खालसा, जसपाल सिंह कणियेके, रशपाल सिंह संधू, जोगिंदर सिंह कलेर, कुलदीप सिंह ज्ञानी, परविंदरजीत सिंह सोनी, सविन्द्र सिंह, नवदीप सिंह, सरबजीत सिंह, श्याम सिंह आदि.



