डायरेक्टर, सीसीआई जैसे अधिकारी स्टेशन में रहकर नहीं करते परवाह, नए सीसीआई से उम्मीद
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
दक्षिण पूर्व रेलवे में सोने की अंडा देने वाली चिड़िया चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री लूटे जा रहे हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि स्टेशन डायरेक्टर, दो-दो सीसीआई, फ़ूड इंस्पेक्टर, डिप्टी एसएस (वाणिज्य) जैसे कई अधिकारी यहां तैनात हैं, लेकिन उसके बावजूद स्टेशन में नियम कानून की व्यवस्था टांय टांय फिश है.
एक नंबर प्लेटफॉर्म की अगर बात करें तो यहां मेसर्स रेल वेव वेंचर्स को खानपान का स्टॉल यात्रियों की सुविधा के लिए दिया गया था. इससे प्रशासन लाखों लाखों तीन माह में कमा रहा है, लेकिन इस कमाई के लिए वह नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहा है और यह भी कहना गलत नहीं होगा कि रेल के राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं.
यात्री लगातार इस स्टाल की शिकायत कर रहे हैं कि इसमें रेल नीर नहीं है.अप्रूव ब्रांड बेचे तो जा रहे हैं, लेकिन ओने पौने भाव में. रेल वेव वेंचर्स की हालिया दिनों में कई शिकायतें हो चुकी हैं, फिर ताजा मामला सामने आया है. (यात्री का टिकट नंबर और शिकायत फतेह लाइव के पास है) रेल के कई विंग्स जीएम, सेवा केंद्र, मंत्रालय आदि स्थानों पर ट्वीट, मेल किये गए हैं. इस शिकायत की पड़ताल करने पर पता चला की यह एक टीटीई के बेटे को स्टॉल आवंटित किया गया है, जहां सस्ते बिसकिट, केक आदि बेचने पर भी स्थानीय अधिकारी आंख बंद किये हुए हैं.
रेल नीर पानी इसमें बेचा ही नहीं जाता. यह सीधे रेल को चूना लगाना साबित हो सकता है. महंगा स्टॉल लेकर ठेकेदार जबरन रात के अंधेरे में यहां गलत कार्य करवा रहे हैं, तांकि उनका नुकसान ना हो, और रेल अधिकारी दोनों तरफ से मालामाल?
इसी तरह टाटानगर स्टेशन के बाहर अतिक्रमण को पूरी तरह से बढ़ावा दिया जा रहा है. एक ओर स्टेशन विस्तार पर प्रधानमंत्री की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है और दूसरी ओर स्थानीय अधिकारी खेल रच रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि इन सब अव्यवस्था के माहौल से अवैध उगाही नीचे से ऊपर तक पहुंचती है, जो उच्च स्तरीय जांच का विषय है?



