केंद्र से स्टेज-वन को मिली स्वीकृति, 27.887 हेक्टेयर जमीन के उपयोग को मंजूरी
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
ओडिशा के पुरी जिले में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण मंजूरी प्रदान कर दी है। Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC) ने वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के तहत परियोजना के लिए इन-प्रिंसिपल (स्टेज-I) फॉरेस्ट क्लीयरेंस दे दी है। यह स्वीकृति पुरी जिले के पुरी फॉरेस्ट डिवीजन में आने वाली 27.887 हेक्टेयर DLC वन भूमि को एयरपोर्ट निर्माण के लिए डायवर्ट करने हेतु दी गई है।

यह प्रस्ताव ओडिशा सरकार द्वारा केंद्र को भेजा गया था, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत एडवाइजरी कमेटी द्वारा जांचा-परखा गया। समिति ने 27 फरवरी 2026 को इस प्रस्ताव की समीक्षा की थी और उसके बाद अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपी थीं। इन सिफारिशों के आधार पर MoEFCC ने इस परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी।
इस परियोजना के तहत बनने वाला Shree Jagannath International Airport ओडिशा के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभाएगा। खासकर विश्व प्रसिद्ध Jagannath Temple में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वर्तमान में पुरी तक पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा भुवनेश्वर में स्थित है, जिससे यात्रियों को सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है।
सरकार के अनुसार, यह स्वीकृति कुछ शर्तों के साथ दी गई है, जिनमें पर्यावरण संरक्षण और वन क्षेत्र के संतुलन को बनाए रखने के उपाय शामिल हैं। परियोजना के तहत जितनी वन भूमि का उपयोग किया जाएगा, उसके बदले में वैकल्पिक वनीकरण (Compensatory Afforestation) और अन्य पर्यावरणीय शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के बनने से पुरी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। ओडिशा सरकार लंबे समय से इस परियोजना को आगे बढ़ाने के प्रयास में लगी हुई थी और अब इस मंजूरी के बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, अभी यह केवल स्टेज-I (इन-प्रिंसिपल) स्वीकृति है।
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करने के बाद अंतिम (स्टेज-II) मंजूरी प्राप्त करनी होगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, श्री जगन्नाथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना पुरी को एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी दोनों को मजबूती मिलेगी।



