सीजीपीसी अध्यक्ष भगवान सिंह की अध्यक्षता में हुई प्रबंधन समिति की बैठक
अनुशासन, विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और शिक्षण व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC), जमशेदपुर की इकाई सिख विजडम एकेडमी के विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अकादमी की वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, शिक्षकों की जिम्मेदारियां सुनिश्चित करने और अनुशासन बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही अकादमी की शैक्षणिक पहचान मजबूत करने के लिए भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए CGPC अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह ने कहा कि सिख विजडम एकेडमी का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना और उन्हें जीवन में सफलता के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने इसके लिए प्रबंधन समिति, शिक्षकों और अन्य संबंधित सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय, समर्पण और सामूहिक जिम्मेदारी को आवश्यक बताया।
बैठक में सरदार गुरचरण सिंह बिल्ला ने अकादमी की प्रगति के लिए बेहतर शिक्षण व्यवस्था, नियमित मूल्यांकन, अभिभावकों के साथ प्रभावी संवाद और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण पर जोर दिया। वहीं, अकादमी के संयोजक सरदार परविंदर सिंह सोहल ने संस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता बताई।
सरदार कुलविंदर सिंह पन्नू ने अकादमी के विकास के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने और सभी सदस्यों के सहयोग से योजनाओं को धरातल पर उतारने पर बल दिया। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रबंधन तथा शिक्षकों को साझा प्रयास करने होंगे।
CGPC के मार्गदर्शन में संचालित सिख विजडम एकेडमी की प्रबंधन समिति ने संकल्प लिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, समर्पण और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से अकादमी को जमशेदपुर के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। बैठक के अंत में सरदार चरणजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में सरदार भगवान सिंह, सरदार गुरचरण सिंह बिल्ला, सरदार कुलविंदर सिंह पन्नू, सरदार सुखविंदर सिंह राजू, अकादमी के संयोजक सरदार परविंदर सिंह सोहल, सरदार चरणजीत सिंह गांधी, सरदार सुखदेव सिंह बिट्टू, सरदार गुरनाम सिंह, सरदार सरबजीत सिंह, प्रिंसिपल सिमरन कौर, वाइस प्रिंसिपल कंवलजीत कौर और गगनजोत कौर उपस्थित थीं।


































