प्रधानमंत्री को भेजा पत्र, देशभर के प्राइवेट स्कूलों में हर कक्षा के लिए अधिकतम देय राशि तय करने का किया निवेदन


फतेह लाइव, रिपोर्टर.
शहर की समाजिक संस्था वॉइस ऑफ ह्यूमैनिटी के संस्थापक हरि सिंह राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र के माध्यम से देशभर में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और दिन पर दिन महंगी होते जा रही स्कूली शिक्षा पर नियंत्रण करने का निवेदन किया है। हरि ने पीएमओ को पत्र के माध्यम से अपनी बात रखते हुए लिखा की देश भर के करोड़ों गरीब और मध्यम परिवार के लोग दिन पर दिन कर्ज की बोझ से दब रहे है, जिसका मूल कारण है बढ़ती महंगाई के साथ स्कूलों की मनमानी फीस और मोनोपॉली।
देश में शिक्षा हर एक नागरिक का अधिकार है। मगर अब शिक्षा एक व्यवपार बन चुका है, जिससे वे लोग, जो सक्षम है, वे अपने बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों और स्कूलों में पढ़ा पा रहे हैं। मगर आज भी गरीब और मध्यम परिवार के बच्चों को अच्छे स्कूलों में गुणवता शिक्षा नही मिल पा रही है। आज इस पर लगाम नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में काबिल बच्चे भी पैसे के अभाव से अच्छे स्कूलों में दाखिला नहीं ले सकेंगे।
आज कक्षा 1 की पढ़ाई के लिए करीब 1 लाख सालाना खर्च हो रहा है।स्कूल अपनी मनमानी फीस और निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करता है, जो की एक प्रकार का भ्रष्टाचार है, जिसके लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करना देश की मांग है, जो प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नजर बना कर उस पर नियंत्रण और एक्शन ले सके।
प्रधानमंत्री से ये भी आग्रह किया गया की हर कक्षा (क्लास 1 से क्लास 10 तक) के लिए प्राइवेट स्कूलों की लिए भी अधिकतम एक फीस तय की जाए, ताकी उससे ज्यादा पैसे स्कूल ना ले सके, जो समान्य परिवारों के लिए देना आसान भी होगा और अधिक से अधिक मध्यम और गरीब परिवार के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके, जिससे आने वाले दिनों में वे राष्ट के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे सके।