Jamshedpur : नामधारी की आत्मकथा एक सिख नेता की दास्तान का लोकार्पण बुधवार को, मोतीलाल नेहरू सभागार में खुलेंगे जीवन के अनछुए पहलु

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लीज और मंत्री पद इस्तीफा प्रकरण का भी उल्लेख

जमशेदपुर।

पंद्रहवीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर एवं बिहार के पूर्व मंत्री तथा झारखंड विधान सभा के प्रथम अध्यक्ष सरदार इंदर सिंह नामधारी की आत्मकथा “एक सिख नेता की दास्तान” का लोकार्पण झारखंड की पावन धरती एवं देश की आर्थिक संप्रभुता की पहचान जमशेदपुर के स्वर्गीय मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल सभागार में बुधवार 5 जुलाई शाम चार बजे होगा.

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इसका लोकार्पण देश के राजनीतिक समीक्षक एवं चिंतक तथा राज्यसभा के सांसद एवं उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान संपादक मुख्य अतिथि हरिवंश करेंगे. इसकी अध्यक्षता सुचिता के पर्याय झारखंड के पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के सदस्य सरयू राय एवं समीक्षा बहरागोड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी करेंगे.

इस मौके पर समाज के लिए प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले गणमान्य लोगों को सम्मानित किया जाएगा. इस पुस्तक में भारत की प्राचीन विरासत वसुधैव कुटुंबकम एवं विभिन्नता में एकता की खूबियों का बखान है. वहीं देश के बहुसंख्यक वर्ग की दरियादिली का भी जिक्र है कि कैसे इस देश में 2% आबादी के सिख पर भरोसा ही नहीं करते वरन उसे अपना प्रतिनिधित्व की महती जिम्मेदारी भी देते हैं.

इस आत्मकथा में देश के बंटवारे की त्रासदी का दर्द है, तो संयुक्त बिहार डालटेनगंज की दरियादिली और स्थापित होने के संघर्ष की साझेदारी है, जिसे नामधारी परिवार ने कर्मभूमि बनाया और उसने इन्हें बिहार झारखंड राज्य में प्रतिनिधित्व का मौका दिया और उन्होंने मंत्री तथा कालांतर में झारखंड विधानसभा का प्रथम स्पीकर पद को सुशोभित किया.

चतरा लोकसभा क्षेत्र से वे 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए और प्रोटेम स्पीकर बने. बेबाक, ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ स्टेट्समैन की छवि रखने वाले इंदर सिंह नामधारी को उनकी पत्रकार बेटी ने आत्मकथा लिखने को प्रेरित किया और इसका शीर्षक उन्होंने गुरु रविंद्र नाथ टैगोर की पंक्ति, “अकेला चलो रे” रखा. परंतु वाणी प्रकाशन ने भारत के जीवन दर्शन को आधार बनाते हुए शीर्षक बदलकर “एक सिख नेता की दास्तान” रख दिया.

इंदर सिंह नामधारी ने जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित जमशेदपुर जो देश के औद्योगिक नींव और आर्थिक संप्रभुता की पर्याय है. वे इसे भी अपनी कर्मभूमि बनाना चाहते थे और इससे उन्हें काफी लगाव है. इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी आत्मकथा का विमोचन लौहनगरी में करने का फैसला किया.

उक्त जानकारी देते हुए महिवाल ट्रेवल्स के एमडी गुरदीप सिंह पप्पू, होटल क्रूज के एमडी हरजीत सिंह बिट्टू, ट्रक ट्रेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष जसवीर सिंह छीरे, रामगढ़िया सभा के इंद्रपाल सिंह, जसवीर सिंह सोनी ने संयुक्त रूप से इस लोकार्पण समारोह में शहरवासियों से अपील की है. पप्पू के अनुसार बस्ती लीज प्रकरण और उनके इस्तीफा से संबंधित विभिन्न पहलू भी इस मौके पर उजागर होंगे.

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