वित्त मंत्रालय ने AI चैटबॉट्स के उपयोग पर लगाई रोक, गोपनीयता को लेकर उठे सवाल

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फतेह लाइव, डेस्क.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बीच, वित्त मंत्रालय ने अपने एम्प्लॉयीज को कार्यालय के कंप्यूटर्स और उपकरणों पर ऐसे टूल्स, जैसे कि ChatGPT और DeepSeek के उपयोग से ‘कड़ाई से’ बचने का निर्देश दिया है. यह निर्देश वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 29 जनवरी को जारी किया गया था.

निर्देश में कहा गया है, ‘यह निर्धारित किया गया है कि कार्यालय के कंप्यूटर्स और उपकरणों में AI टूल्स और AI ऐप्स (जैसे ChatGPT, DeepSeek आदि) सरकारी डेटा और दस्तावेजों की गोपनीयता के लिए जोखिम पैदा करते हैं.’

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इसमें आगे कहा गया है, ‘इसलिए, सलाह दी जाती है कि कार्यालय के उपकरणों में AI टूल्स/AI ऐप्स का उपयोग कड़ाई से टाला जाए। यह सभी एम्प्लॉयीज के ध्यान में लाया जाना चाहिए.’

कुछ अन्य देशों ने पहले ही AI टूल्स, विशेष रूप से चीनी फाउंडेशनल मॉडल DeepSeek, से अपनी आधिकारिक प्रणालियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं, जो गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं.

इस बीच, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बुधवार को कहा कि भारत अब OpenAI के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है और देश में कंपनी के यूजर्स की संख्या पिछले वर्ष में तीन गुना बढ़ गई है. ऑल्टमैन भारत में शीर्ष सरकारी अधिकारियों, स्टार्ट-अप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स के साथ बैठक के लिए भारतीय यात्रा पर हैं.

ऑल्टमैन की यात्रा उस समय हो रही है जब DeepSeek की लोकप्रियता में तेजी आई है, जो एक चीनी AI प्रयोगशाला द्वारा विकसित किया गया है और OpenAI के मॉडल की तुलना में कम लागत पर बनाया गया है. DeepSeek का मॉडल दुनिया को यह दिखा रहा है कि अत्याधुनिक फाउंडेशनल मॉडल को सस्ते दामों पर बनाया जा सकता है, जबकि OpenAI के मॉडल बनाने में भारी निवेश किया गया है.

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