चांद, मिथुन, जुम्मन और नाटू पूर्ति का गिरोह हुआ सक्रिय, रातों-रात लाखों की कमाई
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
कोल्हान में स्क्रैप चोरी का धंधा कभी बंद हो नहीं सकता क्योंकि थानेदारों और लोहा चोरों का सिंडिकेट इतना मजबूत हो चुका है कि न निगरानी विभाग और न सीआईडी ही इस पर विशेष ध्यान देती है. “फतेह लाईव” की लगातार रिपोर्टिंग के बाद बंद पड़ी सरायकेला-खरसावां की अभिजीत कंपनी की चोरी सिर्फ इसलिए रूक गई थी, कि पत्रकारों ने खुद से जाकर तत्कालीन एसपी मनीष टोप्पो को शिकायत की थी, लेकिन अब यह फिर से शुरू हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जुम्मन, नाटू पूर्ति, चांद और मिथुन जैसे लोहा चोर गिरोह फिर से सक्रिय हो गए हैं.
छह माह पहले ही चांद को सरायकेला पुलिस द्वारा नक़ली नोट के साथ पकड़ कर जेल भेजा गया था, लेकिन अब वह जेल से छूट कर पुनः खरसावां थाना को सेट कर देर रात सैकड़ों टन स्क्रैप गायब कर रहा है.
सूत्रों की मानें तो इस धंधे में आदित्यपुर का गोदाम मालिक नवनीत तिवारी और कोलेबिरा के गोदाम मालिक की अदावत चलती है, इसलिए ये दोनों एक दूसरे के अड्डों और लाइजनिंग सिस्टम की पोल खोलने में माहिर हैं. नवनीत तिवारी का एक ट्रक माल जो आज भी आदित्यपुर थाने में जप्त बताया जाता है. इसे गुप्त सूचना पर हेडक्वार्टर डीएसपी प्रदीप उरांव ने पकड़ लिया था लेकिन नवनीत तिवारी चोरी का माल,चोरी का ट्रक और फर्जी जीएसटी होने के बावजूद कभी जेल नहीं गया. इस सुनियोजित चोरी के मामले में थाना प्रभारी भी निलंबित होते लेकिन पुलिस और स्क्रैप माफियाओं के गठजोड़ के चलते मामले को विराम दे दिया गया.
एसपी ऑफिस का स्टाफ ही चलाता है कदमा में टाल
बीते वर्ष हेडक्वार्टर डीएसपी प्रदीप उरांव ने सरायकेला-खरसावां की जांच में यह खुलासा हुआ कि एसपी ऑफिस का एक स्टाफ ही जमशेदपुर के कदमा में मैरिन ड्राइव में टाल चला रहा है. वह अपने भाई को आगे कर चोरी के माल की सारी खरीदारी खुद ही करता है. फिलहाल वह जांच में पकड़ा जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है. बताते चलें कि इस सुनियोजित स्क्रैप चोरी में शामिल एसपी ऑफिस के ही सिपाही ओम प्रकाश और अभिषेक जयसवाल की ऑडियो पर एक बात लीक होने पर वर्तमान सरायकेला-खरसावां एसपी मुकेश लुणायत ने डीएसपी प्रदीप उरांव की रिपोर्ट पर ओम प्रकाश को निलंबित तो कर दिया लेकिन इस वॉइस रिकोर्डिंग में आईपीएस अधिकारियों की मिलीभगत की बातचीत में कुछ नाम के खुलासे के कारण इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
जुम्मन को पकड़वाया ?
आज भी इस बंद पड़ी अभिजीत कंपनी की सुनियोजित चोरी में जुम्मन नामक एक लोहा चोर को नाटू पूर्ति और चांद (बिहार का भगोड़ा)नामक लोहा चोरों ने मिलकर पुलिस को गुप्त सूचना देकर पकड़वा दिया है.सूत्रों के हवाले से मिली इस खबर में कहा गया है कि चोरी लंबे समय से चल रही थी और बकायदा खरसावां थाना की मिलीभगत से ही सारा काम चल रहा था.यह धंधा वर्षों से चल रहा है और जैसे ही अभिजीत का स्क्रैप कोई दूसरा व्यापारी खरीदता है. सेटिंग कर माल पकड़वा कर जेल भिजवाया करता है.
जीएसटी विभाग क्यों है अब तक मूकदर्शक?
सबसे हैरानी की बात है कि सरायकेला के आदित्यपुर, गम्हरिया, में ही बगैर जीएसटी और फर्जी जीएसटी के रोजाना खप रहे हजारों टन स्क्रैप पर कभी जीएसटी के अधिकारियों को सूध लेने का मौका क्यों नहीं मिला जबकि मां भगवती का फर्जी चालान टाटा स्टील के लिए बनाया गया नवनीत तिवारी के स्क्रैप गोदाम से ही निकला ट्रक रंगेहाथ डीएसपी खुद पकड़ चुके थे.इस मामले अगर उच्च स्तरीय हुई तो तत्कालीन थाना प्रभारी नीतिन सिंह और खरसंवा थाना प्रभारी निलंबित होते क्योंकि खरसंवा से चोरी हुआ माल खुलेआम आदित्यपुर थाने की सेटिंग से स्टॉक हुआ फिर उसे खपाने भेजा जा रहा था कि रास्ते में ही पकड़ लिया गया.इस जांच से डीएसपी प्रदीप उरांव को तुरंत हटाया गया क्योंकि वे जिला में तुरंत आए ही थे और अगर वे इस मामले को कुरेदते तो दो-दो थानेदार भी लपेटे में आते इसलिए जांच सरायकेला एसडीपीओ को दी गई.
इतना ही नहीं जांच पदाधिकारी आईओ ने जमशेदपुर के खंडेलवाल बंधुओं की कंपनी मां भगवती इंटरप्राइजेज को भी बचाया जो कि जुगसलाई के चर्चित जीएसटी चोर हैं.इसी जीएसटी की चोरी में बबलू जयसवाल भी जेल जा चुका है जो कि अब एक अखबार का मालिक बन बैठा है.मीडिया लाईन में स्क्रैप माफियाओं और जीएसटी चोरों का सिंडिकेट भी शामिल हो गया है जिसके एक सरगना पांडेय बंधु भी धनबाद में बहुत ही चर्चित जीएसटी चोर माने जाते हैं.
कौन है ये सब्बो जो ठेले से बन गया करोड़पति?
हाल ही में इसी तरह जुगसलाई का दरभंगिया सब्बो भी चर्चा में आया था जो योजनाबद्ध तरीके से लगभग दस सालों से ऊषा मार्टिन और अब टाटा स्टील के अधीन एक कंपनी की चोरी के स्क्रैप माफियाओं में नंबर वन का खरीदार कहलाता है. इसके पुलिस,अपराधियों और राजनेताओं से काफी बेहतर संबंध के कारण यह हर बार जेल जाने से बच कैसे जाता है यह तो बगैर सीआईडी के जांच मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है! इतना जरूर है कि दरभंगा से आकर जुगसलाई में बसे इस ठेला चालक को लोगों ने चोरी के स्क्रैप से ही करोड़पति बनते देखा है.
ट्रेन की लीज से हो रही चोरी के स्क्रैप की ढुलाई, माफिया हो रहे मालामाल
स्क्रैप के खेल में एक नई सनसनीखेज बात सामने आई है कि इन कम्पनियों के अलावा लाल बाबा फाउंड्री से चोरी के स्क्रैप की ढुलाई माफिया ट्रेन की लीज बोगी में कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार जम्मूतवी, निलांचल ट्रेन की लीज बोगी में स्क्रैप बड़े स्तर पर दिल्ली भेजा जा रहा है. टाटानगर स्टेशन में पिछले दो सालों से स्थानीय जिम्मेदारों की मिलीभगत से खेला चल रही है. स्क्रैप को इस ढंग से पैक किया जाता है कि वह पकड़ में नहीं आता. एक अग्रवाल और खान व्यापारी द्वारा यह अवैध कार्य किया जा रहा है. इस धंधे से ट्रेनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं.