WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Bokaro Court Order : थर्मल के चार लोगों को गैर इरादतन हत्या मामले में सात साल की सजा, 2014 का है मामला

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

बोकारो जिला के तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज प्रथम फहीम किरमानी ने बोकारो थर्मल निवासी अजय कुमार वर्मा, राकेश कुमार वर्मा, विजय कुमार वर्मा एवं दीपक कुमार वर्मा को गैर इरादतन हत्या के मामले में सिद्ध दोषी पाया जाने के बाद सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. बताते चलें कि बोकारो थर्मल निवासी सूचक मनोज कुमार ने पुलिस के पास बयान दर्ज कराया था कि उसका छोटा भाई घनश्याम कुमार जो लक्ष्मी ज्वेलर्स में काम करता था. मालिक अजय कुमार के कहने पर 20 फरवरी 2014 को वह और अर्पण कुमार जेवर लाने कलकत्ता गया था.

जेवर खरीद कर कलकत्ता से वापस आ रहा था कि दुर्गापुर पहुंचने पर अज्ञात चोर के द्वारा बैग चोरी कर लिया गया. इस बात की सूचना मालिक को मोबाइल से दिया. इसके बाद ट्रेन से कूदकर चोर का पीछा भी किया. फिर दूसरे ट्रेन से 21 फरवरी को वापस लौटा. फिर 10 बजे दिन में दुकान पहुंचा और 11 बजे वापस आ गया. फिर शाम 4.30 बजे अर्पण कुमार घर आकर उसे दुकान ले गया. दुकान से रात में लगभग 8 बजे के बाद वापस आया और रोने लगा और इसी दौरान पानी पिया और उल्टी हो गया. उसे टेम्पो से अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मृत्यु हो गई.

Gambhir Car Associate Motion Ads

इस बारे में जब अर्पण कुमार से पूछा गया तो वह बताया कि चोरी होने के कारण दुकान मालिक अजय, राकेश, विजय एवं दीपू ने उसे एवं घनश्याम को मारा और फिर जाने को कहा. जब चारों इन दोनों से पूछताछ कर रहे थे. तब दुकान का शटर बंद था. सूचक मनोज कुमार ने बताया कि उसके भाई को चारों के मारने के कारण तबीयत बिगड़ी और अस्पताल जाने के क्रम में उसकी मृत्यु हो गई.

उक्त बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया. आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थानांतरित होकर जिला जज प्रथम फहीम किरमानी के न्यायालय में आया. न्यायालय में उपस्थित गवाह और उभय पक्षों के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद श्री फहीम किरमानी ने चारों अभियुक्त को गैर इरादतन हत्या के मामले में सिद्ध दोषी पाने के बाद सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सजा सुनाई जाने के बाद चारों अभियुक्त को तेनुघाट जेल भेज दिया गया. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक विजय कुमार एवं नवीन कुमार मिश्रा ने बहस की.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर