5310 रुपये पार्किंग शुल्क वसूली मामले में सरयू राय ने एरिया मैनेजर से मांगी जानकारी
सरयू राय का प्रतिनिधिमंडल मिला टाटानगर रेलवे के एरिया मैनेजर से
रेलवे और ठेकेदार के बीच हुए समझौता शर्तों के बाबत जानकारी मांगी, एरिया मैनेजर ने दो दिनों में पूरी जानकारी देने का भरोसा दिया
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के पार्किंग में यात्रियों/नागरिकों से मनमानी शुल्क वसूलने और पार्किंग कर्मचारियों द्वारा भयादोहन करने पर कड़ी नाराजगी जतायी है। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक ने रेलवे और ठेकेदार के बीच हुए समझौता शर्तों के बाबत जानकारी मांगी और कहा कि 5 घंटे वाहन खड़ा करने के एवज में वसूला गया 5310 रुपये न्याय संगत नहीं प्रतीत होता।
यहां टाटानगर रेलवे के एरिया मैनेजर के भेजे ज्ञापन में सरयू राय ने लिखा कि विगत दिनों समाचार माध्यमों से वह अवगत हुए कि टाटानगर रेलवे स्टेशन के पार्किंग में किसी यात्री से 5 घंटा वाहन खड़ी करने के लिए 5310 रु. का पार्किंग शुल्क वसूला गया। यह न्याय संगत प्रतीत नहीं हो रहा है। वहां कार्यरत कर्मचारियों का व्यवहार भी आमजनों के प्रति काफी रुष्ट होने और भयादोहन करने की शिकायत भी आम हो गयी है।
सरय़ू राय ने ज्ञापन में लिखा कि रेलवे पार्किंग में आए दिन किसी न किसी विवाद का समाचार भी प्रकाशित होता रहता है। इससे आम जन और यात्रियों में पार्किंग शुल्क को लेकर असमंजस की स्थिति तो बनी ही हुई है साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर टाटानगर रेलवे स्टेशन की छवि को भी क्षति पहुँच रही है। यह मामला अत्यंत गंभीर एवं आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसमें तत्काल सुधार करवाने तथा दोषियों पर कारवाई करने की आवश्यकता है।
सरयू राय ने ज्ञापन में रेलवे और ठेकेदार के बीच हुए एग्रीमेंट की शर्तों के बारे में जानकारी मांगी, दीजिए जिसके आधार पर पार्किंग शुल्क तय किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि जमशेदपुर में ठेका का बेस रेट इतना अधिक क्यों रखा गया है? क्या रेलवे बोर्ड ने इसके लिए कोई मापदंड तय किया है? रांची, पटना आदि स्टेशनों पर यह समस्या क्यों नहीं हो रही है? उन्होंने यह जानना चाहा कि रेलवे द्वारा सभी प्रकार के वाहनों और विभिन्न टाइम स्लॉट के लिए क्या शुल्क निर्धारित किया गया है? यह भी जानना चाहा कि पार्किंग कर्मचारियों द्वारा आम जनों के साथ अभद्र व्यवहार करने और मारपीट तक उतारू होने पर रेलवे प्रशासन द्वारा क्या कारवाई करने का प्रावधान है?
विधायक ने ज्ञापन में उपर्युक्त जानकारी शीघ्र उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।
उन्होंने पार्किंग स्थल पर किसी वरीय पदाधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चित कर जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
श्री राय का ज्ञान लेकर आए प्रतिनिधिमंडल को एरिया मैनेजर ने आश्वस्त किया कि मांगी गई जानकारी दो दिनों के अंदर उपलब्ध करा दी जाएगी। बेस रेट अधिक उन्होंने के संबंध में उन्होंने कहा कि टेंडर में अधिक बोली लगाने वाले को ही कार्य आवंटन किया गया है। विगत बार से इस ठेकेदार ने ज्यादा राशि में पार्किंग का टेंडर प्राप्त किया है। पूर्व के निर्धारित शुल्क से अधिक का शुल्क का निर्धारण रलवे प्रशासन द्वारा ही तय किया गया है । 5310 रु. शुल्क वसूलने के बारे में बताया कि ड्रापिंग लाइन में पहला 10 मिनट निःशुल्क रहता है। 10 मिनट के पश्चात प्रति आधा घंटा में 590 तथा जीएसटी के दर से शुल्क वसूला जाता है। उनका वाहन 5 घंटा से अधिक देर तक रहने के कारण उनसे 5310 रु. शुल्क वसूला गया। हालांकि एरिया मैनेजर ने जानकारी दी कि 5310 रु. जुर्माना लगाया गया था परंतु उसे माफ कर सिर्फ 1000 रुपए ही लिए गए।
प्रतिनिधिमंडल के पूछने पर उन्होंने स्वीकार किया कि 1000 रु. लिए जाने का उन्होंने रसीद नहीं दिया। पार्किंग कर्मचारियों द्वारा आम जन के साथ अभद्र व्यवहार करने को लेकर उन्होंने बताया कि उन्हें भी कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। एक जाँच टीम तैयार की गई है। आगे भी पार्किंग व्यवस्था की निगरानी को लेकर एक पदाधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नीरज सिंह, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अमृता मिश्रा, महामंत्री कुलविंदर सिंह पन्नू, जिला उपाध्यक्ष भाष्कर मुखी, महानगर सचिव विकास कुमार, विजय सिंह, गणेश चन्द्रा आदि मौजूद रहे।