Big News : सीजीपीसी महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला को कोर्ट से नहीं मिली राहत, 23 अप्रैल को फिर होगी सुनवाई

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मामला: सिदगोड़ा थाना में दर्ज आर्म्स एक्ट का, घटना के बाद से चल रहे फरार

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना में दर्ज एक आपराधिक मामले में फंसे
सीजीपीसी महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला को बुधवार को एक झटका लगा. आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रहे बिल्ला की ओर से जमशेदपुर कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी. एडीजे-टू आभास वर्मा की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सम्बंधित थाना की पुलिस से केस डायरी की मांग की है.

बिल्ला की ओर से अधिवक्ता पंकज सिन्हा पैरवी कर रहे थे. अधिवक्ता पंकज सिन्हा ने नो कोर्सिव (गिरफ्तारी पर रोक) लगाने की मांग की. जज ने उसे भी खारिज कर दिया. अब मामले में अगली तिथी कोर्ट की ओर से 23 अप्रैल को निर्धारित की है. सीजीपीसी महासचिव की इस कोर्ट की अर्जी को लेकर दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा. खासकर सिख समाज में कमेटी के ओहदेदारों की कारगुजारियों और एक वरिष्ठ नेता पर टिका टिप्पणी चर्चा का विषय रही.

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बता दे कि सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में 9 मार्च को शराब दुकान के सेल्समैन को पिस्तौल दिखाकर लूटने वाले टुइलाडूंगरी निवासी लवप्रीत सिंह उर्फ पेंडू और बाबी सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि आरोपियों को गुरुचरण सिंह बिल्ला ने ही हथियार उपलब्ध कराया था. इसके अलावा अन्य आरोपियों के भी नाम सामने आए थे. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी. जहां से हथियार बरामद हुए थे.

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