खाटू श्याम जा रहा था भाजपा नेता, राजस्थान पुलिस ने दबोचा, बार मैनेजर विजय कुमार भी गिरफ्तार, अब विश्वनाथ मंडल पर पूरा फोकस
सोमवार को अग्रिम जमानत पर होनी थी सुनवाई, उससे पहले गिरफ्तारी
हिमांशु हत्याकांड में अब तक कई आरोपी जेल, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी
नीरज के घर से पहले ही करोड़ों की लग्जरी कार समेत कई वाहन जब्त कर चुकी है पुलिस
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
हिमांशु सिंह हत्याकांड में झारखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि नीरज सिंह अपने बेटे के साथ खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था, तभी राजस्थान पुलिस ने उसे दबोच लिया। सूचना मिलते ही जमशेदपुर से गठित एसआईटी राजस्थान पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया।
गौरतलब है कि सोमवार को नीरज सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कनकन पट्टेदार की अदालत में सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन उससे पहले हुई गिरफ्तारी ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। देर शाम गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद शहर में इसकी चर्चा तेज हो गई। हालांकि देर रात तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
इधर, एसआईटी ने मामले में डीडी बार के प्रबंधक विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पुष्टि नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह ने की। माना जा रहा है कि अब दोनों से पूछताछ के बाद हत्या की साजिश, बार के भीतर हुई घटना और फरार आरोपितों के संबंध में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
हिमांशु हत्याकांड के बाद से एसआईटी लगातार नीरज सिंह की तलाश में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान मानगो स्थित उसके आवास से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये कीमत की लग्जरी कार समेत दो वाहन जब्त किए गए थे। पुलिस पहले ही अदालत से सभी नामजद आरोपितों के गिरफ्तारी वारंट हासिल कर चुकी है।
बिष्टुपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह ने डीडी बार संचालक नीरज सिंह, प्रबंधक विजय कुमार, सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी सहित अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
मामला 27 जून की रात का है, जब डीडी बार परिसर में हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके साथियों का दूसरे पक्ष से विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद धारदार हथियारों से हमला कर हिमांशु और प्रत्युष को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, जिसके बावजूद हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इलाज के दौरान 29 जून को टीएमएच में हिमांशु सिंह की मौत हो गई, जबकि प्रत्युष आनंद अब भी कोलकाता के अपोलो अस्पताल में उपचाराधीन है।
इस हत्याकांड में अब तक तीन नाबालिगों समेत सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, दो लाख रुपये का इनामी और पुलिस की सूची में सबसे वांछित आरोपी विश्वनाथ मंडल अब भी फरार है। एसआईटी ने उसके परिजनों से पूछताछ की है और लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विश्वनाथ मंडल के जल्द आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद बिष्टुपुर थाना में एएसपी ऋषभ द्विवेदी के नेतृत्व में एसआईटी की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में फरार आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी, हत्या की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने और इलेक्ट्रॉनिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट को और मजबूत बनाने की रणनीति तैयार की गई।
फतेह लाइव की नजर अब इस बात पर रहेगी कि एसआईटी की पूछताछ में नीरज सिंह और विजय कुमार कौन-कौन से नए राज खोलते हैं और फरार मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल पुलिस के शिकंजे में कब आता है।

