ब्यूरो बब्लू खान 

मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी पर आदिवासियों में उबाल

झारखंड राज्य किसान सभा के बैनर तले प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फुंका

चंदवा। मणिपुर में पिछले तीन माह से जारी हिंसा और दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने व उनके साथ दरिंदगी और घिनौनी हरकत करने के खिलाफ रांची सहित पूरे झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासियों में भी जबरदस्त गुस्सा है, मणिपुर घटना के विरोध में चंदवा प्रखंड अंतर्गत कामता पंचायत के चटुवाग में झारखंड राज्य किसान सभा (एआईकेएस) के बैनर तले प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया, जहां मोदी सरकार मुर्दाबाद, मणिपुर की भाजपा सरकार शर्म करो, मणिपुर सरकार को बर्खास्त करो, मुख्यमंत्री एन बिरेन्द्र सिहं इस्तीफा दो, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा झूठा है, केन्द्र सरकार शर्म करो जैसे नारे लगाए जा रहे थे, जहां ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए पंचायत समिति सदस्य और झारखंड राज्य किसान सभा के लातेहार जिला अध्यक्ष अयुब खान ने कहा कि मणिपुर में जिस तरह से आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र करके उन्हें पूरे समाज में घुमाया जा रहा है, उनकी बेइज्जती की जा रही है यह काफी निंदनीय है, भाजपा सरकार का पिछले तीन महीनो से चुप्पी साधे रहना, मणिपुर को जलने देना उनकी नाकामयाबी दिखाती है, उनके चाल और चरित्र को दर्शाता है, जब भी महिलाओं पर उत्पीड़न की बात आती है, भाजपा सरकार चुप्पी साध लेती है. चाहे वह मणिपुर की महिलाओं के साथ हो, महिला पहलवानों के साथ हो या किसी और महिलाओं के साथ हो, इनका बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा एक धोखा है, केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार मणिपुर को जलने के लिए छोड़ दिया, केन्द्र सरकार मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह की सरकार को अभी के अभी हटाए और वहां शांति व्यवस्था कायम करे, मणिपुर की पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जाए अपराधियों को फांसी से भी कठोर सजा देने की मांग की गई है।

विरोध कार्यक्रम में अनिल मुंडा, बुधराम बारला, बेने मुंडा, दसवा परहैया, सनीका मुंडा, एतवा मुंडा, बोने मुंडा, गबरेल बरजो, जगवा परहैया, दुखन परहैया, गेंदा मुंडा समेत कई लोग शामिल थे।

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