सीजीपीसी के 83 साल के सफर को प्रधान भगवान सिंह ने दिया नया यादगार इतिहास, रूट छोटा होने के बाद भी संगत को किया खुश, सुबह 11 बजे स्वागत करने के लिए तैयार कॉलोनीवासी
चरणजीत सिंह.
जमशेदपुर को मिनी पंजाब कहलाने में यहां बस रहे पंजाबी एक खास एहमियत रखते हैं, लेकिन यह भी कहना गलत नहीं होगा कि इस मिनी पंजाब को मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भी कम नहीं निर्वाह कर रही है. जमशेदपुर में सिखों की बसती आबादी को देखते हुए उस समय सीजीपीसी का गठन 1943 में किया गया था. धीरे धीरे समाज की आबादी के अनुरूप यहां गुरुद्वारों की संख्या भी बढ़ती गई. उस दशक में यहां केवल श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन निकाला जाता था. दौर जब 70 के दशक का आया तो यहां श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर भी नगर कीर्तन निकलना शुरू हो गया.

इसी इतिहास के बीच तत्कालीन प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह के 11 साल प्रधान बनने का ऐसा दौर आया कि जमशेदपुर की सिख संगत के सेवा भाव की चर्चा देश विदेश तक पहुंच गई. अब 2026 में मौजूदा प्रधान पूर्वजों की विरासत को आगे ले जाते हुए नए पर नए इतिहास रचते हुए संगत के दिलों में छा गए हैं. दरअसल, 2026 की 4 जनवरी को सिख श्रद्धालु अपने दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह का 359वां प्रकाश दिहाड़ा मना रही है. इस बार सीजीपीसी के इतिहास में पहली बार रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा से नगर कीर्तन निकाला जा रहा है.

सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह का यह फैसला स्थानीय संगत के दिल को छू लेने वाला साबित हो रहा है. चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह बताते हैं कि यह एक छोटा रूट था, लेकिन उसके बाद भी कॉलोनी की संगत की उपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया गया. उन्हें मालूम है कि शहर की संगत इस कार्यक्रम को बहुत ही अच्छी तरह निभाएगी.
सीजीपीसी ने पूरी व्यवस्था की कर ली तैयारी, रविवार को गुरु गोबिंद के नाम का होगा गुणगान
इधर, नगर कीर्तन को बेहतर तरीके से व्यवस्था करने की सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है. सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह अपनी टीम के साथ एक बैठक में नगर कीर्तन के रूट की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि 4 जनवरी को दिन के 11 रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा से नगर कीर्तन प्रारंभ होगा जो टुईलाडुंगरी गुरुद्वारा के सामने से मस्जिद रोड होते हुए केबल कंपनी गेट के पास से टिनप्लेट मेन गेट के सामने से गोलमुरी चौक, हावड़ा ब्रिज होते हुए 4:30 बजे साकची गुरुद्वारा में जाकर समाप्त होगा.

चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह एवं गुरमीत सिंह ने बताया कि जिस मार्ग से नगर कीर्तन गुजरेगा. वहां पर विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों द्वारा कई तोरणद्वार बनाए जा चुके हैं.. जगह-जगह नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालुओं के लिए चाय, पानी, दूध, फल आदि की व्यवस्था की गई है. महासचिव अमरजीत सिंह एवं गुरुचरण सिंह बिल्ला ने नगर कीर्तन में शामिल होने वाले जत्था की जानकारी देते हुए कहा कि सबसे पहले घुड़सवार, विभिन्न स्कूलों के बच्चे अपने यूनिफॉर्म में रहेंगे. उसके बाद सेंट्रल कमेटी एवं समूह साध संगत सभी का अभिवादन करते हुए नजर आएंगे. उसके बाद पालकी साहब के सामने फूलों की वर्षा करते हुए नौजवान रहेंगे.

उसके बाद गुरु महाराज की पालकी साहब की अगवानी करते हुए धर्म प्रचार कमेटी अकाली दल नजर आएंगे. पालकी साहब के बाद सिख स्त्री सत्संग सभाओ के कीर्तनी जत्थे अपनी-अपनी ड्रेस के साथ शामिल नजर आएंगे और अंत में विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के कीर्तनी जतथे भी कीर्तन गायन करते हुए नजर आएंगे. रिफ्यूजी कॉलोनी के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने भी नगर कीर्तन की सेवा मिलने पर सीजीपीसी का धन्यवाद किया है. वह अपनी टीम और युवाओं के सहयोग से देर रात तक तैयारियों को मूर्त रूप देने में लगे रहे.

बैठक में सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान भगवान सिंह के अलावा वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्रपाल सिंह, चंचल सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, सलाहकार सुरजीत सिंह खुशीपुर, परविंदर सिंह सोहल, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, ज्ञानी कुलदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह शिंदे, जसवंत सिंह जस्सू, तरुणप्रीत सिंह बन्नी, सेंट्रल नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव सुखवंत सिंह सुक्खू, रणजीत सिंह आदि शामिल थे.





























































