फतेह लाइव, रिपोर्टर.
स्वर्गीय शिवरतन देवी की छठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार, संध्या को एक भावपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दिनकर शर्मा एवं अनुराग शर्मा के आवास में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वर्गीय शिवरतन देवी की स्मृति को नमन करते हुए कला, संस्कृति और रंगमंच के माध्यम से सामाजिक संवेदनाओं को अभिव्यक्त करना था।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ शिवरतन देवी को श्रद्धांजलि देते हुए हुआ। इस कार्यक्रम का मंच संचालन शीतल सुगन्धिनी बागे द्वारा बड़े ही संदर ढंग से किया गया। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत आद्वितीया साहा द्वारा प्रस्तुत नृत्य से हुई, इसके पश्चात रंगकर्मी दिनकर शर्मा द्वारा प्रस्तुत एकल नाट्य प्रस्तुति *“डरा हुआ आदमी”* ने दर्शकों को गहराई से सोचने पर विवश कर दिया। यह प्रस्तुति समाज में फैले भय, असुरक्षा और मानसिक संघर्ष पे एक व्यंग्यात्मकता प्रहार था।
कार्यक्रम की सबसे सराहनीय और यादगार प्रस्तुति *“टिकटों का संघर्ष”* रही, जिसे संध्या की श्रेष्ठ प्रस्तुति के रूप में दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर शहर के कई रंगमंच प्रेमी, बुद्धिजीवी वर्ग तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कार्मेल स्कूल की सिस्टर्स उपस्थित थीं साथ ही उमाशंकर गिरी, प्रमोद भगेरिया, रणविजय सिंह, प्रतिभा विकास ,उषा मिश्रा, श्रावण केजरीवाल, प्रशांत केजरीवाल, प्रशांति साहा, वहीं चाईबासा से इप्टा संस्थापक सदस्य-तरूण मोहम्मद, सचिव संजय चौधरी, श्यामल दास, राजू प्रजापति सहित कई कला एवं थिएटर प्रेमियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावनात्मक, संवेदनशील और कलात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। आयोजकों द्वारा सभी कलाकारों एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया तथा उपस्थित दर्शकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे एक स्मरणीय सांस्कृतिक संध्या बताया।


