- प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया, साथ ही करवाई से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन ससमय उपलब्ध करने का निर्देश भी दिया
फतेह लाइव, रिपोर्टर.


समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त अनन्य मित्तल ने आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा यथोचित कार्रवाई को लेकर आश्वस्त किया .जनता दरबार में गोविंदपुर क्षेत्र से अपनी फरियाद लेकर पहुंचे व्यक्ति ने बताया कि सार्वजनिक रास्ते और पानी के पाईप को अतिक्रमण कर लागातार अवैध निर्माण किया जा रहा है.इस मामले पर विगत महीने में कोर्ट द्वारा अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश पारित हुआ था परंतु किसी भी प्रकार की कोई करवाई नहीं हो पाई है.उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से अवैध निर्माण फिर से किया जा रहा है.साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में उक्त स्थल पर तीन बार धारा-144 लागू की गई थी साथ ही उक्त व्यक्ति पर FIR भी दर्ज करवाई गई थी पर उक्त व्यक्ति द्वारा बिना किसी डर-भय के लगातार अवैध निर्माण किया गया जा रहा है।जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त ने तत्काल अनुमंडल पदाधिकारी को मामले की जांच करते हुए उचित करवाई करने का निर्देश दिया.
सोनारी क्षेत्र की महिला ने बताया कि परिवार के भरण पोषण के लिए रोटी सब्जी का ठेला घर के सामने लगाती हैं, इसके जरिए परिवार में वो अकेली आय सृजन करने में सक्षम थी.पर कुछ व्यक्तियों द्वारा ठेला हटाने के लिए लगातार डराया धमकाया जा रहा है.साथ ही उक्त व्यक्तियों द्वारा सोनारी थाना में उनके विरुद्ध झुठी शिकायत दर्ज की गई है तथा अलग अलग तरीके से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.उन्होंने अपने आवेदन में ठेला लगाने की अनुमति प्रदान करने की बात कही है जिससे वो अपने परिवार का भरण पोषण कर पाए.जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त ने संज्ञान में लेते हुए उनको SHG से जुड़ने की बात कही.उन्होंने कहा की मिलने वाली सहायता राशि से वो अन्य वयवसाय के विकल्प भी देख सकती हैं.साथ ही उन्होंने इस मामले की जांच कर नियमानुसार इसका निदान हेतु आश्वस्त किया.
जनता दरबार में जन समस्याओं से जुड़े अन्य मुद्दे भी फरियादियों ने जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त के समक्ष रखा जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होने फरियादियों को यथोचित कार्रवाई को लेकर संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया.साथ ही उन्होंने सम्बंधित पदाधिकारिओं को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों के निराकरण से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन ससमय जिला मुख्यालय में उपलब्ध किया जाए.