फतेह लाइव, रिपोर्टर.


जमशेदपुर:झारखंड में बंद पड़ी केबूल और अभिजीत जैसी दर्जनों कंपनियों के अलावा दर्जनों कंपनियों से चोरी का स्क्रैप फर्जी जीएसटी बिल सहित टाटा स्टील और कामसा जैसी छोटी-बड़ी कंपनियां कैसे खरीद रहीं हैं? ये खुलासा सरायकेला-खरसावां एसपी ऑफिस का एक कर्मचारी ओम प्रकाश (अब निलंबित) कैसे अभिषेक जयसवाल नामक स्क्रैप व्यापारी से कर रहा है आप भी सुनिए!
इस ऑडियो में दर्जनों स्क्रैप चोरों और स्क्रैप माफियाओं के नाम भी हैं और कैसे रेल संपत्ति तक की चोरी हो रही है और कैसे पकड़ में आने पर पूरा मामला 5-7 लाख देकर मैनेज हो जाता है वो भी इस ऑडियो में है. खुलकर एक आईपीएस अधिकारी का नाम भी लिया गया है कि वैसा अफ्सर विरलै ही जिला में आता है. ये भी बताया जा रहा है कि फिलहाल टाटा स्टील ने दो नंबर के जीएसटी बिल पर हो रही खरीद पर रोक लगी हुई है लेकिन यह धंधा पुनः चालू हो सकता है.
फतेह लाईव को लगभग छह महिने पहले ही स्क्रैप माफिया अभिषेक जयसवाल और ओम प्रकाश की बातों का एक ऑडियो मिला था जिसकी जांच डीएसपी हेडक्वार्टर प्रदीप उरांव ने करते हुए अपनी रिपोर्ट में सरायकेला-खरसावां एसपी ऑफिस के एक सिपाही ओम प्रकाश का खुलासा किया. डीएसपी की जांच रिपोर्ट पर एसपी मुकेश लुणायत ने उसे निलंबित कर दिया था.
अब फतेह लाईव को फिर से एक ऑडियो मिला है जिसमें जीएसटी व स्क्रैप चोरों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा इस बातचीत में पाई गई है. फतेह लाईव द्वारा रेल संपत्ति की चोरी के लगातार खुलासे हुए और फिर रेल पुलिस भी लगातार छापेमारी करने लगी.हालांकि यह भी स्पष्ट है कि पुलिस रेल की हो या जिला की बगैर थाना प्रभारी या उच्च अधिकारियों की सहमति के इतने बड़े पैमाने पर जाली कागजात बनवाकर खुलेआम भारी वाहनों पर दिन-रात चोरी का स्क्रैप नहीं ढोया जा सकता है.
आखिर क्या लालच या मजबूरियां होती हैं कि अच्छा और आकर्षक वेतन के बाद भी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को चोरी करवाने की नौबत आ जाती है.क्या यह चोरी स्थायी रुप से नहीं रूक सकती?क्या जीएसटी के अधिकारियों को भी मंथली पर पूरा भरोसा है या फिर निगरानी विभाग और सीआईडी के अफसर इस पर मूकदर्शक बने रहेंगे?
कौन है ये शैलेस और राजू भैय्या जो मामला मैनेज करवाते हैं?
इस ऑडियो में दो लाईजनरों का नाम आया है जो चोरी का स्क्रैप बरामद होने या फिर गंभीर मुद्दों पर मामला सैटलमेंट करवा देते हैं.हालांकि ओम प्रकाश फिलहाल निलंबित है और वह दो लाईजनरों का खुलासा कर रहा है कि वे लोग पैसा देकर उच्च अधिकारी को मैनेज कर दिएं हैं. ये कौन से अधिकारियों को और कैसे मैनेज करते हैं ये तो स्क्रैप माफियाओं को ही पता होगा लेकिन इतना तो तय है कि पूरे का पूरा का सिस्टम ही बड़ी-बड़ी चोरियों में शामिल हैं.
*जीएसटी चोर बबलू और राजेश बना पोर्टल-अखबार मालिक?
जुगसलाई के खंडेलवाल बंधुओं को फर्जी जीएसटी बिल के सबूत के बावजूद गिरफ्तार न करना आदित्यपुर पुलिस की कार्रवाई को दर्शाता है. कुछ इसी तरह आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर के पास बबलू जयसवाल का एक ऑफिस पूरे कोल्हान में फर्जी जीएसटी बिल बेचने में माहिर हैं जिसे करोड़ों की जीएसटी चोरी के बाद बीते वर्ष गिरफ्तार किया गया था.इसका खुलासा ओपी-अभिषेक के ऑडियो की शुरुआत में ही है कि 5% वाले फर्जी बिल पर टाटा स्टील ने रोक लगा दिया है.हालांकि बबलू जयसवाल अब एक दैनिक अंग्रेजी अखबार का मालिक भी है जो जमशेदपुर से प्रकाशित होता है. इसी तरह हाल ही में जीएसटी चोरी में चर्चा में आए जुगसलाई का राजेश अग्रवाल भी एक न्यूज पोर्टल का मालिक बना हुआ है.अगर ऐसे भ्रष्ट लोग अखबार,पोर्टल और चैनल चलाएंगे तो इस पर रोक कौन लगाएगा?