गाय न बहुत ज्यादा ठंड सहन कर पाती है और न ही बहुत ज्यादा गर्मी ही
भीषण ठंड में गाय को नहलाने से बिल्कुल परहेज करे, पेट हमेशा भरा रहे
एस वंदना.
झारखंड सरकार का जुगसलाई में प्रांतीय पशु चिकित्सालय है. बहुत पुराना. अभी नया भवन बना है. जमाने से लोग वहां गाय और भैंस का इलाज कराने आते रहे हैं गर्भाधान के लिए भी पहले कर्मचारी पर्याप्त थे. अब बिल्कुल नहीं डॉक्टर पूर्णिमा रानी अपने कक्ष में बैठी थी तो कुछ पशुपालक आए. ठंड में गाय के बचाव पर सुझाव चाहा. डॉक्टर ने बताया कि यदि अचानक दूध देना कम करती है तो यह इशारा है कि गाय को ठंड लग गई है. ऐसा हो तो अनदेखी न करे। तुरंत इलाज कराएं.

डॉक्टर पूर्णिमा रानी ने बताया कि गाय पालने वाले को कुछ जानकारी जरूर होनी चाहिए. गाय न बहुत ठंड बर्दाश्त कर सकती है, न बहुत गर्मी. अगर अधिक ठंड या गर्मी है तो बचाव का इंतजाम होना चाहिए. गाय के सूखे गोबर की अंगीठी की आग बेहद उपयोगी है. हां, यह जरूर ध्यान रहे कि समय से आग बुझा ली जाय. उन्होंने बताया कि गाय को ठंड में नहलाना नहीं चाहिए. यदि गलती से गाय पानी से भींग जाय तो उसे तुरंत सूखे कपड़े से पोछ देना चाहिए. बेहतर होगा कि गाय को धूप में रखा जाय ताकि बदन सूख जाय. गाय को ठंड में पीने के लिए बहुत ठंडा पानी नहीं देना चाहिए. ताजा पानी मिले तो बहुत बढ़िया.

बिल्ली, तोता, खरगोश और कबूतर पालने का बढ़ रहा चलन
डॉक्टर पूर्णिमा रानी के मुताबिक अब लोगों में कुत्ता के अलावा बिल्ली, खरगोश, तोता और कबूतर पालने का चलन बढ़ा है. पिछले कुछ सालों पर गौर करे तो बिल्ली पालने वालों की संख्या में निश्चित तौर पर इजाफा हुआ लगता है. पहले एकाध लोग कभी कभार इलाज के लिए बिल्ली लेकर आते थे. अब ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है. इससे अंदाजा लगता है कि बिल्ली पालने वालों की संख्या अधिक हुई है. ठंड में सभी तरह के पशु और पक्षी का इलाज कराने लोग आए है. ध्यान रहे कि ठंड में जिस तरह इंसान खुद का बचाव करता है, उसी तरह पशु पक्षी को भी देखभाल की जरूरत होती है.
कुत्ता को चिकन का हल्का गरम सूप दिया जाय तो रहेगा बमबम
डॉक्टर पूर्णिमा रानी ने कहा कि कुत्ते को ठंड में चिकन का हल्का गरम सूप दिया जाय तो वह बमबम रहेगा. अभी हरी सब्जियां भी भरपूर मिल रही हैं. सब्जी का सूप भी डॉग के लिए लाभदायक होगा. अगर कुत्ता का शरीर ठंडा हो जाय तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए. मान लीजिए कि उसे तुरंत इलाज की जरूरत है. वायरल की समस्या होती है तो उल्टी और दस्त हो सकता है. गोबर की खाद को डॉग खाता है तो उसे वायरल बीमारी हो सकती है.


