वक्ताओं ने कहा

बंद हो गए थे हजारों अखबार और रोजगार: हेमंत
संकट में समाज ने नहीं दिया पत्रकारों का साथ: रामकृपाल
संकट ने आपदा से लड़ना सिखाया : पंकज
लक्ष्य विहीन हो चली थी पत्रकारिता: अनाम
चुनौती मिली तो हल भी हमें ही खोजना होगा: अखिलेश

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

कोरोना महामारी के बाद पत्रकारिता पर सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का आया। पत्रकारिता का संगठित स्वरूप छितरा गया और बाद के दिनों में ए आई इफेक्ट ने रही सही कसर भी पूरी कर दी.
उक्त विचार वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रणविजय सिंह ने व्यक्त किया. गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के 42 वें शपथ ग्रहण समारोह में बतौर सभा अध्यक्ष बोलते हुए सिंह ने कहा कि पत्रकार समाचार के साथ विश्लेषण भी करता था, पर ए आई सूचना तो देती है जो उसे व्यापक जन सामान्य से प्राप्त होती है, लेकिन इसमें विश्लेषण के साथ विश्वसनीयता का अभाव होता है। जिसका खामियाजा अब पत्रकारों को भुगतना पड़ रहा है। कोरोना के बाद पत्रकारिता में नौकरी के अवसर समाप्त होते गए। मीडिया संस्थान बंद होते गए. लेकिन समय के साथ पत्रकारों को स्वयं में अब बदलाव लाना होगा.

पत्रकार रविंद्र शर्मा को स्वर्गीय यति वर्मा स्मृति तथा शूटर मुकीम सिद्दीकी को लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस ढिल्लों प्रतिभा सम्मान मिला

इस दौरान गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पत्रकारों को सिंह ने शपथ दिलाई। तथा दैनिक जागरण के पूर्व समाचार प्रभारी स्वर्गीय फूल नारायण धर द्विवेदी को राष्ट्रभाषा रत्न सम्मान प्राप्त बंधू सिंह साप्ताहिक के संपादक स्वर्गीय कमर अहमद आजाद स्मृति लाइफटाइम (मृत्यु उपरांत) अचीवमेंट अवार्ड दिया गया. सम्मान समारोह में दैनिक स्वतंत्र चेतना के समाचार प्रभारी श्री रविंद्र शर्मा को 42 वर्ष की सेवा के लिए समाजसेवी एवं पत्रकार स्वर्गीय यती वर्मा स्मृति विलक्षण प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया. गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वर्तमान में शूटिंग के खेल में गोरखपुर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले श्री मुकीम सिद्दीकी को लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस ढिल्लों स्मृति विलक्षण प्रतिभा सम्मान दिया गया. इसी क्रम में वरिष्ठ हाकर श्री पारसनाथ गुप्ता को फोटो जर्नलिस्ट स्वर्गीय डीके गुप्ता स्मृति प्रतिभा सम्मान दिया गया।

गोष्टी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत तिवारी ने कहा समाज का हर वर्ग पत्रकार से सच्चाई और जानकारी की अपेक्षा करता है, पर उसकी परेशानियों को कोई नहीं समझता। कोरोना में अनगिनत पत्रकार मौत के मुंह में समा गए, हजारों की संख्या में अखबार बंद हो गए, नौकरियों के दरवाजे बंद हो गए। पत्रकारों का स्थान तकनीकी ने लेना प्रारंभ कर दिया. अब हमें नवीन तकनीकी के साथ तालमेल बिठाना होगा. इसके पूर्व विषय प्रवर्तन श्री रत्नाकर सिंह ने किया।

मुख्य वक्ता सर्वोदय किसान पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रामकृपाल राय ने कहा कि कोरोना में मर रहे लोगों के पास सब था, पर अपने नहीं थे. पत्रकार लोगों के लिए दौड़ता था, जान दे रहा था, पर कोरोना के बाद आए संकट के समय समाज साथ नहीं खड़ा था. आज पत्रकार को अपने अस्तित्व के लिए लड़ना पड़ रहा है. तकनीकी से उसके मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं.

विशिष्ट अतिथि सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे श्री पंकज सिंह ने कहा कि कोरोना की त्रासदी ने हमें आपदा से लड़ना सिखाया है.आज पत्रकारिता ए आई के दबाव में है. ए आई को अवसर के रूप में लेना होगा. लगातार सीखना होगा. स्वस्थ रहना होगा. असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करना होगा.

विशिष्ट अतिथि लोकभारती समाचार पत्र के समूह संपादक श्री अनाम पांडे ने कहा कि कोरोना के बाद पत्रकारिता लक्ष्य विहीन हो चली है. सोशल मीडिया में हर व्यक्ति पत्रकार हो गया है. जिससे लोगों का विश्वास डिग गया है।

विशिष्ट वक्ता दैनिक आज गोरखपुर के यूनिट हेड श्री अखिलेश चंद्र ने कहा कि कोरोना ने चुनौती दी है तो हल भी हमें ही खोजना होगा. जीवन का अंतिम ध्येय भी जीवन ही होता है. कोरोना ने हमें खुद को पहचानने का अवसर दिया.

समारोह का सफल संचालन आकाशवाणी के श्री मृत्युंजय उपाध्याय नवल ने किया. अंत में सिंदूर ऑपरेशन में शहीद भारतीय सैनिकों तथा विगत 1 वर्ष में डीवगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह समाप्त हुआ.

इस अवसर पर पंकज श्रीवास्तव, महेंद्र गौड़, दुर्गेश यादव, मनोज मिश्रा, कुंदन उपाध्याय,रितेश मिश्रा,भूपेंद्र द्विवेदी, राजीव पांडेय, सुशील, प्रिंस पांडे,अंगद प्रजापति, मुर्तजा रहमानी,शाकंब त्रिपाठी,अजीत सिंह, दामोदर उपाध्याय,आरपी सिंह, अनिल गोयल, राजेश श्रीवास्तव, अमरचंद, संजय त्रिपाठी, संजय श्रीवास्तव,जगदीश लाल,वेद पाठक, शफी,मुनव्वर रिजवी,जितेंद्र सैनी,प्रवीण श्रीवास्तव, राजू सिंहा,अरविंद तिवारी,अरविंद चौरसिया सहित गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन की गोरखपुर, कुशीनगर व देवरिया शाखा के लगभग 200 पत्रकार व अन्य सम्मानित जन उपस्थित थे.

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