फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत बस स्टैंड के पास शनिवार शाम हुई भीषण सड़क दुर्घटना में दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में लाल कुमार विश्वकर्मा की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उनकी पत्नी नीलम विश्वकर्मा ने देर रात टीएमएच में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने रविवार दोपहर सीतारामडेरा थाना का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
परिजनों के समर्थन में पश्चिमी जमशेदपुर विधायक सरयू राय, भाजपा नेता नीरज सिंह, प्रीति सिन्हा समेत अन्य लोग भी थाना पहुंचे। परिजन दुर्घटना में शामिल चेसिस के मालिक से मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। परिजनों का आरोप है कि जिस चेसिस से यह हादसा हुआ, वह पूर्व यूनियन नेता की है। उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजा देने और मृतक दंपति के बच्चों को नौकरी देने की मांग रखी।
परिजनों ने बताया कि लाल कुमार और नीलम विश्वकर्मा के दो छोटे बच्चे हैं। माता-पिता दोनों की मौत के बाद बच्चों के भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसी को देखते हुए परिजन मुआवजा और रोजगार की मांग कर रहे हैं। विधायक सरयू राय ने कहा कि यह सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने फोन पर यूनियन नेता से बात की, जिस पर उन्होंने शहर लौटकर बातचीत करने की बात कही।
फिलहाल वह इलाज के लिए शहर से बाहर बताए जा रहे हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि मुआवजे पर सहमति नहीं बनती है तो वे टाटा मोटर्स यार्ड के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और चेसिस को बाहर निकलने नहीं देंगे। करीब दो घंटे तक परिजन थाना परिसर में मौजूद रहे, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
गौरतलब है कि शनिवार को लाल कुमार विश्वकर्मा अपनी पत्नी नीलम के साथ बाइक से मानगो से साकची की ओर जा रहे थे। शाम करीब चार बजे सीतारामडेरा बस स्टैंड के पास एक चेसिस ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में लाल कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल नीलम को पहले एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर देर रात करीब एक बजे उन्हें टीएमएच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वर्तमान में नीलम का शव टीएमएच और लाल का शव एमजीएम अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
