फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

नीतीश कुमार की सबसे बड़ी गलती केंद्र में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना। यह तो तय था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह साजिश कर नीतीश कुमार को निपटा देंगे। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार को हटाने के बाद भाजपा किसी रबर स्टाम्प को मुख्यमंत्री बनाएगी। समाजवादी चिंतक सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बिहार की राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उक्त बातें कही है।

नीतीश कुमार ने क्यों सरेंडर किया, उनकी क्या मजबूरी है। यह खबर जनता के सामने आ रही है। लोगों को संदेह है कि निशांत कुमार को लेकर नीतीश कुमार ने सरेंडर बोल दिया। उन्होंने आगे कहा कि क्या सीबीआई को ऐसा कोई सबूत मिला जिसे लेकर अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ब्लैकमेल किया और नीतीश कुमार उनकी शर्तों को मान लिया? भाजपा का यही इतिहास है जिस दलों के साथ गठबंधन किया, उसका अस्तित्व समाप्त कर दिया।

इसके कई उदाहरण है। महाराष्ट्र में शिवसेना और शरद पवार और अजीत पवार के साथ क्या हुआ जग जाहिर है। कई राज्यों में भाजपा ने इसी तरह का राजनीतिक साजिश किया। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार को कोई डर नहीँ है तो भाजपा गठबंधन सेअलग होकर केंद्र में मोदी सरकार से समर्थन वापस लेने क़ी घोषणा करें। इससे यह भी पता चल जाएगा कि जनता दल यू के कौन-कौन सांसद और विधायक भाजपा क़े लिए दलाली कर रहे हैं।

नीतीश कुमार को चाहिए कि महा गठबंधन में शामिल होकर पार्टी को बचाने के लिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से हाथ मिला ले, तब जाकर जनता दल यू बच पाएगी। पप्पू ने आगे कहा कि निकट भविष्य में जनता दल यू दो टुकड़ों में बंट जायगी, एक खेमा राजद क़े साथ तो दूसरा भाजपा में शामिल हो जाएगा। अब लगता है कि भाजपा का मिशन सफल रहा। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर राज्यसभा का सदस्य बनना मुहिम का हिस्सा है। बाद में बाप बेटे को राजनीतिक से किनारा कर दिया जाए।

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