पांच नवंबर तक जनता के बीच विपक्ष के आरोपों और एसआईआर विरोध को लेकर रखेगी अपना पक्ष
चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाने का लगाया आरोप
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर पहुंची केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को जमशेदपुर के निर्मल गेस्ट हाउस में भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भ्रम फैला रही है। इसके विरोध में भाजपा 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान चलाकर जनता के बीच अपना पक्ष रखेगी।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और भीड़ के माध्यम से दबाव बनाने की राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रही है।
एसआईआर पर कांग्रेस के विरोध को लेकर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उनके अनुसार, देश में इससे पहले भी आठ बार एसआईआर हो चुका है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान निर्धारित नियमों के तहत नामों की जांच की जाती है और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया उपलब्ध रहती है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम संबंधी त्रुटि या नाम हटाए जाने को लेकर आपत्ति होने पर संबंधित मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख सकते हैं। अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस से अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।
चुनाव जीतने और हारने पर अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप
अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस पर चुनाव परिणामों के अनुसार अपना रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाते, जबकि हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के 99 सांसद चुने जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उसे अपने सांसदों के निर्वाचन को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
आपातकाल का उल्लेख कर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल संविधान की पुस्तक हाथ में लेकर चलने से कोई संविधान का रक्षक नहीं बन जाता। उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे और प्रेस की स्वतंत्रता भी प्रभावित हुई थी।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति सम्मान रखती है और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने को महत्वपूर्ण मानती है। उनके अनुसार, लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए इन संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण अधिकार हैं। विपक्ष को सरकार की कमियों को उजागर करने का अधिकार है, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्धारित स्थलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ जनजीवन का संतुलन बनाए रखने की बात कही।
राहुल गांधी को वाजपेयी और सुषमा स्वराज का उदाहरण दिया
अन्नपूर्णा देवी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का उल्लेख करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका जिम्मेदार, गरिमापूर्ण और रचनात्मक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व सरकार की कमियों को तथ्यों के साथ सामने रखना और सुधार के लिए सुझाव देना भी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, रक्षा, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी वर्गों के सहयोग और सकारात्मक सुझावों की आवश्यकता है। उन्होंने विपक्ष से देशहित के मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
घुसपैठ और मतदाता सूची को लेकर भी कांग्रेस पर आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के विरोध के जरिए कांग्रेस अवैध घुसपैठियों के नाम हटाने के मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी का नाम शामिल करने या हटाने का निर्णय निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर होना चाहिए। इस संबंध में आपत्तियां तथ्यों और प्रमाणों के साथ संबंधित प्राधिकार के समक्ष रखी जानी चाहिए।
उन्होंने विपक्षी नेताओं की ओर से विदेशों में भारत की आलोचना किए जाने पर भी सवाल उठाए और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा अल्बानिया का उदाहरण दिए जाने का उल्लेख किया।
जनता के बीच अभियान चलाएगी भाजपा
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान के तहत भाजपा जनता के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों, एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जनता को भाजपा के दृष्टिकोण से अवगत कराना और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देना है।
प्रेस वार्ता में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा और जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा मौजूद रहे।


































