प्रशासनिक लापरवाही पर जताई नाराजगी, एनडीआरएफ की स्थायी नियुक्ति की मांग की
फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर- 4 निवासी कमल कालिंदी के 12 वर्षीय पुत्र अंकुश कालिंदी की 26 जनवरी की दोपहर बारीडीह स्थित भोजपुर कॉलोनी घाट पर स्वर्णरेखा नदी में डूबने से हुई दर्दनाक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया है। इस घटना में शुरुआत से सक्रिय रहीं विधायक पूर्णिमा साहू बुधवार को पुनः घटनास्थल पहुंचीं और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर बच्चे की मां एवं परिजनों को ढांढस बंधाया।

बुधवार को इंस्पेक्टर धीरज कुमार के नेतृत्व में रांची से पहुंची एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम एवं स्थानीय मछुआरों के संयुक्त प्रयास से घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर आगे बच्चे का पार्थिव शरीर बरामद किया गया। विधायक पूर्णिमा साहू ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा की पहल प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नदी, तालाब और अन्य जोखिम भरे स्थानों से दूर रखें और उनपर निगरानी रखें।
इस घटना पर विधायक पूर्णिमा साहू प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता पर आक्रोशित नजर आईं। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से पूर्व में जिले में 30 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम की स्थायी नियुक्ति की गई थी, लेकिन इस घटना में एनडीआरएफ को रांची से बुलाना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती क्यों नहीं की गई। जिला प्रशासन को इसका जवाब देना होगा और जमशेदपुर में एनडीआरएफ की स्थायी नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं में त्वरित राहत और बचाव कार्य संभव हो सके।
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव, जमशेदपुर अक्षेस के उप नगर आयुक्त कृष्णा कुमार, जमशेदपुर सीओ, बिरसानगर एवं सिदगोड़ा थाना प्रभारी, बारीडीह मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक, बिरसानगर मंडल अध्यक्ष बापन बनर्जी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


