फतेह लाइव, रिपोर्टर.
सुंदरनगर में दुर्गा पूजा का समापन पारंपरिक रीति-रिवाजों और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर सिंदूरदान की रस्म निभाई और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर की होली खेली। इसके बाद नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी गई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सुंदरनगर सार्वजनिक दुर्गा एवं काली पूजा कमेटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सिंदूरदान के लिए महिलाओं की लंबी कतार लगी रही। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं ने मां दुर्गा के चरणों में सिंदूर अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर उत्सव की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढाक की धुन, जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच मां दुर्गा की विदाई की गई। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक सौहार्द का सुंदर संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर श्रीमती प्रत्यूषा दे और शर्मिष्ठा दे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने दुर्गा पूजा के महत्व और इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारे तथा सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिलने की बात कही। मां दुर्गा की विदाई के साथ ही सुंदर नगर में पूजा उत्सव का समापन हो गया।

































