JNAC और अधिकारियों की उदासीनता से जन सेवा संघ ट्रस्ट परेशान, विधायक की अनुशंसा भी बेअसर
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में बेजुबानों की सेवा ही सच्ची मानवता है के ध्येय से 2016 से काम कर रहे जन सेवा संघ ट्रस्ट को आज भी अपने शेल्टर के लिए सरकारी जमीन नहीं मिल पाई है। 3-4 बार लिखित आवेदन, विधायक की अनुशंसा और उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार की सहमति के बावजूद फाइल अटकी पड़ी है।
ट्रस्ट का दर्द – तथ्यों के साथ
काम का रिकॉर्ड
– 2016 से जमशेदपुर, आदित्यपुर, कांड्रा, घाटशिला में *सालाना 400-500+ घायल पशुओं* का मुफ्त रेस्क्यू, इलाज व पुनर्वास।
– 2018 से JNAC के लिए *अनौपचारिक एम्बुलेंस सेवा* की तरह काम। JNAC के फोन पर रात-बिरात मौके पर पहुंचकर इलाज।
कहाँ-कहाँ मांगी मदद
JNAC को 3-4 बार पत्र* देकर सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के पीछे स्थित JNAC डॉग सेंटर हाउस की भूमि + टिन शेड* की मांग की। दिनांक 16.04.2026 को रिसीविंग के साथ विस्तृत प्रस्ताव दिया।
विधायक पूर्णिमा दास साहू ने 14.10.2025 के पत्रांक 2175 व 03.04.2026 के पत्रांक 0508/26/MLA-JP-J द्वारा *DC व JNAC को स्पष्ट निर्देश दिया कि बिरसा मुंडा टाउन हॉल के पास का डॉग कैनल परिसर ट्रस्ट को तत्काल हस्तांतरित किया जाए।
उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार मदद को तैयार हुए, पर कार्यालय के कुछ अधिकारियों की अड़चनों के चलते आज तक आवंटन नहीं हुआ।
ट्रस्ट की प्रतिबद्धता JNAC को पत्र में साफ लिखा है –
– शेड के बाद दवा, खाना, स्टाफ, बिजली, मरम्मत का 100% खर्च ट्रस्ट उठाएगा। JNAC पर 1 रुपये का भार नहीं।
– आवारा कुत्तों का स्टरलाइजेशन/एंटी-रेबीज टीकाकरण अपने खर्च पर करेंगे।
– 24×7 रेस्क्यू सेवा व हर 3 माह में JNAC को रिपोर्ट देंगे।
वर्तमान दुर्दशा
स्थायी शेल्टर न होने से गंभीर घायल पशुओं का ऑपरेशन/पोस्ट-ऑपरेटिव केयर नहीं हो पा रहा। सड़क पर इलाज से जान का खतरा व संक्रमण का डर बना रहता है। बरसात में स्थिति नारकीय हो जाती है।
जन सेवा संघ ट्रस्ट का सवाल
जब JNAC का बना-बनाया डॉग सेंटर खाली पड़ा है, विधायक की अनुशंसा है, ट्रस्ट सारा खर्च उठाने को तैयार है, तो फिर *फाइल किसके आदेश पर रुकी है?* क्या शहर में बेजुबानों के लिए जगह नहीं है?
अंतिम अपील
हम मीडिया के माध्यम से *माननीय मुख्यमंत्री, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, व JNAC के अधिकारियों* से मांग करते हैं कि 7 दिन के अंदर सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के पीछे की उक्त भूमि ट्रस्ट को दीर्घकालिक आवंटित की जाए।
यदि 1 सप्ताह में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रस्ट शहर के पशु प्रेमियों व आम जनता के साथ JNAC कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

