फतेह लाइव, रिपीर्टर
जमशेदपुर में हाइकोर्ट के आदेश के बाद नक्शा विचलन के मामले में कार्रवाई शुरु हो गई है. इसको लेकर शनिवार को धालभूम एसडीओ के आदेश पर जमशेदपुर सीओ, जेएनएसी के अधिकारी और बिष्टुपुर पुलिस दल-बल के साथ अवैध निर्माण तोड़ने बिष्टुपुर के होटल सेंटर प्वाइंट पहुंचे जहां जेसीबी की मदद से होटल के पिछले हिस्से में किए अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया. इसके साथ ही नक्शा विचलन करने वाले कुल 21 भवनों को चिह्नित भी किया गया है.
वहीं जिन भवनों को जी प्लस टू से अधिक का निर्माण, बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकान, होटल, गोदाम, ट्यूशन क्लास सहित अन्य कई तरह की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. यानी नक्शे के मुताबिक, भवन मालिकों को बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग की सुविधा देनी थी. मगर भवन मालिकों ने बिल्डिंग निर्माण के बाद बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर में भी दुकानें बना कर बेच दी. ऐसे भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
मामले को लेकर साकची निवासी राकेश झा ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसपर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय और न्यायाधीश दीपक रौशन की पीठ ने अक्षेस के अधिवक्ता से पूछा कि कितने भवन सील किये गये हैं और कितने तोड़े गये, पहले यह बतायें. कोर्ट ने साफ कर दिया कि अक्षेस पहले कुछ अवैध निर्माणों को गिराकर आये. उसके बाद उनकी बातों को सुना जाएगा. कोर्ट 30 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा.
