ई-कल्याण छात्रवृत्ति लंबित होने पर विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार से की त्वरित हस्तक्षेप की मांग
राज्य महिला आयोग की उदासीनता पर भी उठाया सवाल
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने झारखंड विधानसभा के पांचवें सत्र के तीसरे दिन सदन में बीएड की पढ़ाई कर रहे छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि प्रथम सेमेस्टर पूर्ण होने के बावजूद विद्यार्थियों को ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने बताया कि छात्रवृत्ति लंबित रहने के कारण छात्र आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब तो स्थिति यह हो गयी है कि एक तरफ छात्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर, उन पर अगले सेमेस्टर की फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
पूर्णिमा साहू ने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से संबंधित मंत्री से मांग किया कि जब तक छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों के खातों में उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक बीएड छात्रों को फीस जमा करने से छूट देने का स्पष्ट निर्देश जारी किये जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा न बने। भविष्य के शिक्षकों और राज्य के शैक्षणिक विकास के लिए ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
इसके अतिरिक्त, विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य महिला आयोग की उदासीनता पर भी सवाल किया। विधानसभा में उन्होंने बताया कि आयोग में अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली होने के कारण इसकी कार्यप्रणाली पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई ठप पड़ी है।
आयोग के निष्क्रिय रहने से राज्य की हजारों महिलाओं को उत्पीड़न और समस्याओं पर न्याय के लिए गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि सरकार को अविलंब अध्यक्ष की नियुक्ति कर आयोग को सक्रिय करना चाहिए, जिससे महिलाओं को न्याय के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध हो सके।

