फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले के चर्चित पत्रकार आशीष गुप्ता को वर्ष 2023 में उनके ऊपर दर्ज हुए फर्जी एससीएसटी केस में सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत प्रदान कर दी है. देश की सर्वोच्च अदालत से प्राप्त इस राहत को इस केस को दर्ज करवाने वाले जादूगोड़ा के ब्लैकमेलिंग गैंग पर एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है.

इस बारे में जानकारी देते हुए पत्रकार आशीष गुप्ता ने बताया कि वे विगत 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रीय हैं. उन्होंने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय समाचार चैनलों में भी काम किया है. इस दौरान उन्होंने कई ऐसे मामलों को उजागर किया जिसके कारण गुनाहगारों पर कार्रवाई हुई और निर्दोषों को न्याय मिला. यही बात जादूगोड़ा में पत्रकारिता और समाजसेवा की आड़ में ब्लैकमेलिंग गैंग चला रहे उनके सरगनाओं को हज़म नहीं हुई और उनलोगों ने वर्ष 2023 में उनके ऊपर षड्यंत्र रचकर फर्जी एससीएसटी का मामला दर्ज करवा दिया.

इस फर्जी मामले में जेल भिजवाने के लिए जादूगोड़ा से लेकर जमशेदपुर तक के ब्लैकमेलिंग गैंग और उनके सरगनाओं ने पूरा जोर लगा लिया, मगर वो लोग अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए. इस फर्जी मुक़दमे के कारण उन्हें उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ी मगर उन्होंने हार नहीं मानी. अंततः सत्य और न्याय की जीत हुई और उन्हें जमानत मिल गयी.

इधर आशीष गुप्ता को जमानत मिलने के बाद जादूगोड़ा के ब्लैकमेलिंग गैंग में हड़कंप मचा हुआ है. गैंग के सरगना को अब अपने ऊपर कार्रवाई का डर सताने लगा है, क्योंकि पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले के पत्रकार AISMJWA के बैनर तले इस गैंग के खिलाफ एकजूट हो चुके हैं. 26 मई को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त पास इस मामले को लेकर पहुंचे पत्रकारों की टीम ने अपनी मंशा भी स्पष्ट कर दी है की अब इस गैंग और उसके सरगना को हर हाल में बेनकाब करके ही दम लेंगे, ताकि शहर में पत्रकारिता और उसकी गरिमा को बचाया जा सके.

AISMJWA के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा है की जल्द ही झारखण्ड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और डीजीपी से मिलकर इस बलैकमेलिग़ गैंग के सरगनाओं का पूरा अपराधिक इतिहास बताया जायेगा और उनपर कारवाई की मांग की जायगी. फर्जी मुकदमो को दर्ज करवाने वाले लोगों के ऊपर भारतीय दंड संहिता 182 एवं 211 के तहत मामला दर्ज करवाया जायगा, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके.

भाटिया ने कहा की ऐसे मामलों में अमूनन होता ये है की मामला ख़त्म होने के बाद झूठा मामला दर्ज करवाने वाला बच जाता है. मगर अब ऐसा नहीं होजा. एशोसिएशन ऐसे षड्यंत्रकारियों को चिन्हित करके उनके ऊपर मामला दर्ज करवाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री से ये मांग की जायगी की तत्काल प्रभाव से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाये. इसके साथ ही हर जिले में पत्रकारों के ऊपर दर्ज किये जा रहे मामलों की मोनिटरिंग के लिए एक कमिटी का गठन किया जाये, ताकि ऐसे फर्जी मामलों में कमी आये.

आशीष गुप्ता को जमानत मिलने पर AISMJWA के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, नगेन्द्र कुमार वरिष्ठ पत्रकार गौतम ओझा, चिंटू सिंह राजपूत, विपिन चन्द्र पाण्डेय, सुजीत कुमार,धनंजय मिश्रा, मनोज शर्मा, देवेन्द्र सिंह अरूप मजुमदार , देबराज मुखर्जी, सहित जिले के पत्रकारों ने हर्ष व्यक्त किया है.

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