फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के केबुल टाऊन स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर (पूर्ववर्ती बिड़ला मंदिर) के जीर्णोद्धार का कार्य जैसे जैसे तेज़ी पकड़ रहा है, वैसे-वैसे केबुल कंपनी में फिर से औद्योगिक गतिविधियों के आरम्भ होने के आसार भी तीव्र हो रहे हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि पवित्र परिसर में श्रीलक्ष्मीनारायण, माँ काली, भोलेनाथ, श्री गणेश जी और पवनपुत्र हनुमान जी का विग्रह स्थापित होने और नियमित पूजा-अर्चना होने से पूर्व में लंबे समय से यहां डेरा जमाए बैठीं दुष्ट शक्तियों ने अब यह स्थान छोड़ दिया है। नतीजतन मंदिर जीर्णोद्धार की बाधाएँ तो दूर हो ही गई हैं, केबुल कंपनी के चालू होने के आसार भी प्रबल हो गये है। उक्त बातें एक प्रेस बयान में पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कही.
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में विराजमान श्री लक्ष्मीनारायण, माँ काली, शिव शंकर, प्रथम पूज्य गणेश जी और श्री हनुमान जी से विशेष प्रार्थना है कि जिस प्रकार विराजमान होते ही आप सबने लंबे समय से यहाँ कब्जा जमाए हुए और मंदिर जीर्णोद्धार में बाधा बने हुए दुष्ट शक्तियों को नियंत्रित कर दिया, वैसे ही केबुल कंपनी के फिर से खुलने के मार्ग में आने वाली बाधाओं को भी दूर करना सुनिश्चित करिए। आप सबकी अनुमति हुई तो इस हेतु मंदिर परिसर में विशेष पूजा- अनुष्ठान आयोजित किया जा सकता है।
श्रील़क्ष्मीनारायण मंदिर में भगवान विष्णु के दशावतार विग्रह का निर्माण हो चुका है। इसका रंग रोगन होना बाक़ी है। इसी तरह मंदिर के गर्भगृह के चारों कोनों में सनातन संस्कृति के स्तम्भ चार महान महर्षियों-महर्षि विश्वामित्र, महर्षि जमदग्नि, महर्षि कश्यप और महर्षि बाल्मिकी की प्रतिमाएँ भी स्थापित हो चुकी हैं। सम्भवतः देश का यह पहला लक्ष्मीनारायण मंदिर होगा, जहां गर्भगृह प्रांगण में भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी के साथ-साथ दशावतार और चार महर्षि भी विराजित हैं।
इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य मंदिर की बाउंड्री का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मंदिर परिसर के भव्य गोपुरम् (प्रवेश द्वार) की मरम्मत और गोपुरम् शिखर पर पीतल के पाँच कलश स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इसके तुरंत बाद मंदिर के गर्भगृह के सामने के विशाल फर्श का निर्माण शुरू होगा ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा हो सके।
मुझे विश्वास है कि श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में विराजमान देवी-देवताओं की कृपा एवं आशीर्वाद से मंदिर जीर्णोद्धार कार्य संपन्न होने के साथ ही, केबुल कंपनी में फिर से आर्थिक गतिविधियाँ आरंभ होंगी और केबुल टाउन क्षेत्र फिर से पूर्ववत गुलज़ार होगा। यहाँ की रौनक वापस आएगी।





























































