फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर डी. बी.एम.एस .कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन में डाक विभाग द्वारा एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस से निशांत कुमार और उज्ज्वल केसरी ने छात्रों को पोस्ट ऑफिस की विभिन्न सुविधाओं से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि 164983 डाक घर हैं. वारेन हेस्टिंग्स (1773-1784 तक ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल) ने मार्च 1774 में डाक सेवा को आम जनता के लिए खोल दिया. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर जल क्षेत्रों तक भी पोस्ट ऑफिस स्थापित हैं।
वक्ताओं ने जानकारी दी कि वर्ष 1995 से पहले पोस्ट ऑफिस में महिलाओं का बीमा नहीं किया जाता था, क्योंकि उस समय महिलाओं की मृत्यु दर अधिक मानी जाती थी। वर्ष 1995 के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के बीमा की सुविधा प्रारंभ की गई।
निशांत, उज्जवल केसरी और उनकी टीम ने बताया कि आज के समय में पोस्ट ऑफिस की सेवाएं अत्यंत आधुनिक हो गई हैं। अब घर बैठे ऑनलाइन स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही, भारत पोस्ट द्वारा एटीएम की सुविधा भी दी जा रही है। इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन अपने खाते भी खोल सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज दर प्रदान की जाती है।
इस सत्र में लड़कियों, महिलाओं, छात्रों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी बी.एड. के छात्रों को दी गई। यह कार्यक्रम विशेष रूप से भावी शिक्षकों के लिए डी.बी. एम. एस. कॉलेज के प्रबंधन द्वारा आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बी.एड. की छात्रा प्रज्ञा प्रियदर्शिनी ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सचिव श्री प्रिया धर्मराजन, संयुक्त सचिव श्री सुधाकर दिलीप, उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा रही डाक सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों ने भी अनेक प्रश्न पूछकर इस सत्र को अत्यंत रोचक एवं संवादात्मक बना दिया।

