नई व्यवस्था में कम मैन पावर, बिना कैमिकल और मशीनों के की जानी है सफाई, कैसे मिलेगा वेस्ट कीप स्टेशन का अवार्ड, जांच का विषय


चरणजीत सिंह, जमशेदपुर.
टाटानगर रेलवे स्टेशन की साफ-सफाई व्यवस्था कभी भी चरमरा सकती है. जी हां अगर आप सोच रहे होंगे कैसे तो आइए जानिये. दरअसल, रेलवे स्टेशन की साफ सफाई का टेंडर पिछले दिनों हुआ था. सूत्र बताते हैं कि इसमें रेलवे प्रशासन ने लोयस्ट रेट पर कुछ अधिकारियों के चहेते ठेकेदार को दे दिया है. इस व्यवस्था में स्टेशन की क्लीनिंग का कार्य बिना मशीनों, कैमिकल और कम मैन पावर से कराया जाना है, जिसे रेलवे की भाषा में आउट कम बेस कहा जाता है. जानकारी के अनुसार इससे पूर्व चार सालों तक कोलकाता की फर्म मेसर्स जीएसआईएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 11 करोड़ में साफ सफाई व्यवस्था का टेंडर हासिल किया था. इन चार सालों में साउथ इस्टर्न रेलवे की ओर से टाटानगर स्टेशन को बेहतर साफ सफाई के लिए बेस्ट कीप स्टेशन का अवार्ड भी प्राप्त हुआ था, लेकिन अभी रेलवे ने जो टेंडर निकाला है उसे रेलवे के आठ करोड़ के रेट से भी कम छह करोड़ में सफाई का टेंडर निर्गत कर दिया गया था. जिस ठेकेदार को यह टेंडर मिला है वह चार साल पूर्व भी यह काम कर चुका है, जिसे विवादों में आने के बाद रेलवे ने खुद हटा दिया था. ऐसे में यह कहना कभी गलत नहीं होगा कि टाटानगर स्टेशन की साफ सफाई व्यवस्था में दाग लग सकता है. क्योँकि चार साल पहले जो टेंडर 11 करोड़ का था वह जमाना बदलने के साथ छह करोड़ में कैसे निर्गत कर दिया गया जो अपने आप में बड़ा सवाल है. इसमें कहीं न कहीं अनियमितता की बू आती है.
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आरटीआई कार्यकर्ता कमलेश कुमार ने अनियमितता का मामला उठाया
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस के आरटीआई सेल के चेयरमैन कमलेश कुमार ने इस अनियमितता को जन सूचना अधिकारी की सूचना-2005 के तहत उठाया है. उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल के जन सूचना पदाधिकारी सह वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी को गत 8 मई से आरटीआई मांगी है. उनका सूचना मांगने का उद्देश्य है कि भारत सरकार रेल विभाग के राजस्व को लूट खसोट करने हेतु कुछेक लोकसेवक रेल विभाग द्वारा गलत कार्य कर रहे हैं तथा विधि एवं न्याय को कुचलते हुए अपने द्वारा बनाई गई विधि एवं न्याय को परिवर्तन करके घोर अन्याय करते रहे हैं. ऐसे कार्यों पर प्रतिबंध लगाने हेतु यह सूचना पारदर्शिता लाने हेतु मांगी जा रही है. कमलेश कुमार ने कहा कि रेलवे के जवाब का वे इंतजार कर रहे हैं. अगर वे जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वह राष्ट्र्पति तक मामले को ले जाएंगे.

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आरटीआई के तहत ये मांगी गई सूचना
- टाटानगर रेलवे स्टेशन सफाई कार्य हेतु पूर्व में दिये ये संवेदक को कब-कब तक का कार्य आदेश प्राप्त कराया गया था. उक्त कार्य के क्रम में कितने मैन पावर की अनुमति प्रदान की गई थी, तथा कितने प्रकार के यंत्र (मशीन) सफाई कार्य में लगाई गई थी. उक्त सभी मैन पावर कर्मचारी का नाम, स्टेशन सफाई कार्य में लगे यंत्र एवं मशीनों का नाम, उसकी कुल संख्य की सूचना एवं सुसंगत कागजात अभिप्रमाणित उपल्बध कराया जाए.
- सूत्र के अनुसार पिछले दिनों उक्त कार्य हेतु टाटानगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र की सफाई कार्य हेतु संवेदकों का चयन करने की प्रक्रिया अपनाई गई. उक्त चयन करने की प्रक्रिया हेतु किस पदाधिकारी का आदेश हुआ. उक्त आदेश की छायाप्रति दी जाए तथा संवेदकों का चयन से पूर्व आवेदन प्राप्त करने के लिए कितने प्रकार के सुसंगत कागजात निविदाकर्ताओं को जमा करने का नार्मस (Norms) या नियम है. उक्त नार्मस या नियम का छायाप्रति अभिप्रमाणित दिया जाए.
- टाटानगर रेलवे स्टेशन सफाई कार्य के लिए कुल कितने अभिकर्ताओं द्वारा आवेदन दिया गया था. उक्त सभी का नाम आवेदन में संलग्न, सभी सुसंगत कागजात अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाए तथा टेंडर भरने के पूर्व टेंडर राशि कौन कितना जमा किया उसकी भी सूची अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाए.
- टाटानगर रेलवे स्टेशन सफाई कार्य हेतु टेंडर फार्म भरने की तिथि किस सूचना पत्र के आधार प्राप्त की गई है उक्त सूचना पत्र की छायाप्रति अभिप्रमाणित दिया जाए तथा निविदा भरने की अंतिम तिथि कब थी. उसकी भी सूचना दी जाए तथा अभिकर्ताओं का चयन के पूर्व क्या क्या प्रक्रिया अपनाई गई है उसकी विवरणी सहित टेंडर खुलने के क्रम में कितने अभिकर्ता उपस्थित थे और कौन पदाधिकारी द्वारा टेंडर की निगरानी की गई. उस अधिकारी का नाम, पदनाम की सूचना उपलब्ध कराई जाए.
5. टाटागर रेलवे स्टेशन की सफाई कार्य हेतु प्रत्येक वर्ष कुल कितनी कितनी राशि का स्वीकृति रेलवे बोर्ड भारत सरकार द्वारा प्राप्त है. उक्त राशियों से संबंधित विपत्र या राशि कब-कब कितना प्राप्त हुआ है उसका विवरण अभिप्रमाणित उपलब्ध कराया जाए तथा भारत सरकार द्वारा स्वीकृत राशियों के आधार पर यह नया निविदा निर्गत किया गया है कि नहीं. उसकी विवरणी तथा सफाई कार्य के अतिरिक्त सफाई करने वाले मैन पावरों का सेवा शर्त निर्धारण किनके द्वारा किया गया है. उक्त सेवा शर्त की छायाप्रति दिया जाए.
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