फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर से क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के इस फैसले को सिख विरोधी बताया है कि उन्होंने पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार कर दिया है।

अधिवक्ता ने प्रश्न उठाया है कि भारत की क्रिकेट टीम पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ दुबई में मैच खेल सकती है तो सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में जाकर गुरु पर्व क्यों नहीं मना सकते? क्योंकि वहां मामला आईसीसी अध्यक्ष जय शाह, जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे हैं, उनके प्रभाव में आकर भारत सरकार ने मैच खेलने की इजाजत दे दी।

भारतीय जनता पार्टी इस देश में राष्ट्र भक्ति की छद्म भावना को परोस रही है। वास्तव में भाजपा एवं केंद्र सरकार जानबूझकर सिखों को आहत एवं अपमानित करने का लगातार फैसला ले रही है? पंजाब में लोगों ने वोट नहीं दिया और उसका बदला बीजेपी का नेतृत्व एवं मातृत्व संगठन सिखों से ले रहा है।

पुलवामा, पहलगाम, पठानकोट और न जाने रोज कश्मीर में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारत को दर्द दे रही है। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले पाकिस्तान को लाल आंख दिखाने वाले प्रधानमंत्री ने क्रिकेट मैच खेलने की इजाजत क्यों दी? जब मैच खेलने की इजाजत दी जा सकती है तो परंपरा का निर्वाह करते हुए पाकिस्तान जाने का वीजा सिख श्रद्धालुओं के प्रतिनिधि मंडल को क्यों नहीं दिया जा सकता है?

5 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती है जिन्होंने पूरी दुनिया में मानवता का संदेश दिया। एक ईश्वर की संतान का संदेश दिया। उसे महान गुरु के सिद्धांत की अनदेखी करने की कोशिश हुई है। इस अधिवक्ता ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी रवनीत सिंह बिट्टू एवं भाजपा के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा को भी आड़े हाथ लिया है कि वे निजी फायदे के लिए कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं और वे सच्चे सिख नहीं हो सकते हैं?

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