फतेह लाइव, रिपोर्टर.
खालसा प्रकट दिहाड़े (बैसाखी) के पावन अवसर पर गुरुद्वारा सिंह सभा, मानगो में इस वर्ष धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। जहां एक ओर 14 अप्रैल को रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है, वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (एसजीपीसी) के सिख धर्म प्रचारक भाई गुरविंदर सिंह (जम्मू वाले) के सान्निध्य में 14 और 15 अप्रैल को दो दिवसीय धार्मिक समागम भी संपन्न होगा।
रक्तदान शिविर 14 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक गुरुद्वारा साहिब परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील की गई है। आयोजकों का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देकर मानवता की सेवा करना है। ‘रक्तदान महादान’ के संदेश के साथ यह पहल समाज में सेवा और सहयोग की भावना को सशक्त करेगी।
इसी क्रम में 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक गुरमत समागम आयोजित होगा, जिसमें गुरबाणी कीर्तन एवं धार्मिक विचारों का प्रसार किया जाएगा। वहीं 15 अप्रैल को सुबह 7 बजे से 9:30 बजे तक विशेष दीवान सजाया जाएगा, जिसमें रागी जत्थों द्वारा गुरबाणी का रसपान कराया जाएगा। भाई गुरविंदर सिंह (जम्मू वाले) इस दौरान संगत को सिख इतिहास एवं गुरुओं की शिक्षाओं से अवगत कराएंगे।
गुरुद्वारा सिंह सभा, मानगो के महासचिव सरदार जसवंत सिंह जस्सू ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है और खालसा प्रकट दिवस सिख इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिहाड़ा है। इस पावन अवसर पर सेवा और सिमरन दोनों का संगम हमें मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करें और धार्मिक समागम का लाभ उठाएं।
जस्सू ने बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा समागम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं तथा गुरु का अटूट लंगर निरंतर चलता रहेगा। आयोजकों ने सभी संगतों से कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता की अपील की है।

