फतेह लाइव, रिपोर्टर.


गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली तख्त श्री हरि मंदिर जी प्रबंधन कमेटी में शह-मात के खेल में प्रधान सरदार जगजोत सिंह सोही को कानूनी मात मिली है। प्रधान ने पूरी कोशिश की थी कि महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह को बाहर कर नया महासचिव चुन लिया जाए। इसके लिए प्रधान जगजोत सिंह ने कमेटी के कस्टोडियन शहर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पटना रूपेश देव से अनुमति मांगी थी। लेकिन वहां से अनुमति नहीं मिली तो उन्हें और उनके पांच कट्टर समर्थकों को अपने बढ़े हुए कदम वापस ले लेने पड़े।
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प्रधान जगजोत सिंह सोही ने कस्टोडियन को बताया कि कमेटी के संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार महासचिव को बैठक बुलाने के लिए कहा जाता रहा लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जब भी एक तरफ कमेटी चला रहे हैं तो संविधान के अनुच्छेद 53 के अनुसार कमेटी को नया महासचिव चुनने की अनुमति दे दी जाए।
वहीं महासचिव ने भी कानूनी दांव चला और हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कस्टोडियन को पत्र लिखा और उन्हें भी बैठक में शामिल होने का आग्रह कर दिया। कस्टोडियन को यह भी बता दिया गया कि पटना हाई कोर्ट द्वारा तय मुद्दों पर ही बैठक बुलाई जा रही है। ऐसे में विषयांतर नहीं हो सकता है।
कस्टोडियन से अनुमति नहीं मिली तो उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, सदस्य डॉक्टर गुरमीत सिंह, सदस्य राजा सिंह, सदस्य महेंद्र पाल सिंह ढिल्लन एवं सदस्य हरपाल सिंह जोहल लाख प्रयास के बावजूद महासचिव को हटाने का प्रस्ताव भी बैठक में नहीं रख पाए। हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार ही तय हुआ कि तीन महीने के भीतर नए सिरे से मतदाता सूची तथा दावा आपत्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
राष्ट्रीय सनातन सिख सभा के राष्ट्रीय संयोजक अधिवक्ता कुलविंदर सिंह के अनुसार इस शहर में कुछ लोगों को झूठ बोलकर अपनी पीठ थपथपाने की आदत सी पड़ गई है। इनके झूठ को झूठ बोल दो तो नाराज हो जाते हैं और विरोधियों को प्रधान पद से उतारने की साजिश शुरू कर देते हैं।