फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में सोमवार को टाटानगर स्टेशन आये दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने रेलवे की जमीन और लीज से जुड़े नियमों पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने साफ किया कि अब रेलवे बोर्ड के नए नियमों के तहत रेलवे की जमीन पर दुकानों को लीज पर नहीं दिया जाएगा. जिन दुकानों का लीज रिन्यूअल नहीं हुआ है या जो मूल आवंटित व्यक्ति के अलावा किसी अन्य के कब्जे में हैं, उन्हें अवैध माना जाएगा और नियमानुसार हटाया जाएगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखेगा. साथ ही यह भी कहा कि हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास की जिम्मेदारी रेलवे की नहीं बल्कि राज्य सरकार की होगी. जरूरत पड़ने पर रेलवे अपनी जमीन खाली कराने के लिए सख्त कदम उठाएगी.
लीज नियमों में सख्ती
महाप्रबंधक ने बताया कि नए प्रावधानों के अनुसार यदि किसी लीजधारक का निधन हो चुका है या बिना वैध रिन्यूअल के दुकान किसी अन्य व्यक्ति—यहां तक कि परिवार के सदस्य को दे दी गई है, तो ऐसी दुकानें भी अवैध मानी जाएंगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. मालूम हो कि स्टेशन के बाहर जगह खाली कराये जाने के बाद भी दुकानदारों ने सड़क और अपनी दुकानों के स्थल पर अतिक्रमण कर रखा है. भविष्य में यह अतिक्रमण रेलवे के लिए कोई बड़ा सिरदर्द बन सकता है?
टाटानगर स्टेशन का ढांचा बदलने में ढाई साल
जीएम अनिल मिश्रा ने कहा कि टाटानगर जंक्शन के पुनर्विकास (ढांचा बदलने) का कार्य जारी है, जिसे पूरा होने में लगभग ढाई साल लगेंगे. फिलहाल अतिक्रमण हटाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम चल रहा है. इस दौरान उन्होंने नए बन रही रेलवे पार्किंग स्थल का भी जायजा लिया.
रेल नेटवर्क का विस्तार
उन्होंने कहा कि रेलवे ने खड़गपुर–हावड़ा और खड़गपुर–झारसुगुड़ा के बीच चौथी लाइन समेत कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। गम्हरिया–चांडिल सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि आदित्यपुर से खड़गपुर के बीच तीसरी लाइन का काम अंतिम चरण में है और मई तक पूरा होने की संभावना है.
ट्रेनों की देरी का कारण
उनके अनुसार ट्रेनों की लेट-लतीफी का मुख्य कारण ट्रैक पर बढ़ता दबाव है, क्योंकि मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही लाइन का उपयोग करती हैं. नई लाइनों के निर्माण से इस समस्या में सुधार की उम्मीद जताई गई है.



