डीएसपी व थानेदार से बहस के बाद ही पत्रकारों को किया जाता रहा है टारगेट

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

आज ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन के जमशेदपुर शहरी जिला महासचिव आशीष गुप्ता के लापता होने व उनके परिवार को प्रताड़ित करने का मामला प्रकाश में आया है. पत्रकार आशीष गुप्ता कल से ही लापता हैं जो कि पूरे झारखंड के पत्रकारों के लिए चिंता का विषय है. ऐसी सूचना मिल रही है कि जमशेदपुर में 2018 बैच के दारोगा व जादूगोडा़ थाना प्रभारी अभिषेक कुमार उनसे व्यक्तिगत रूप से खुन्नस निकाल रहे थे और इसलिए एक फर्जी मामले में तीन मार्च 2024 को थाना प्रभारी से हुई बहस से मामले ने तूल पकड़ लिया है.

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आशीष के परिजनों को कल सुबह से ही जादूगोड़ा थाना प्रभारी अभिषेक कुमार बेवजह परेशान कर रहे हैं. इससे आशीष के परिजन काफी भयभीत हो गए हैं कि उनके साथ पुलिस द्वारा विशेषकर केस के आईओ और थानेदार द्वारा दुर्व्यवहार क्यों किया जा रहा है? आज ऐसोसिएशन के अलावा इस घटना को लेकर विभिन्न जिलों के प्रेस क्लब भी जमशेदपुर पुलिस की निंदा काला बिल्ला लगाकर सुबह से ही करते रहे हैं. अवकाश होने के बावजूद भी इस घटना पर पत्रकार एकजुटता दिखाते हुए काला बिल्ला लगाकर ही अपने घर से बाहर निकलें हैं. राज्य के विभिन्न जिलों में गत् 4-5 वर्षों से पत्रकारों पर फर्जी मामले और हमले भी हुए हैं और इस पर झारखंड सरकार,पुलिस-प्रशासन व विपक्ष भी खामोश रहा है.

इस घटना के संदर्भ में AISMJWA ऐसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र जयसवाल बंटी ने कहा कि हम चुप नहीं बैठेंगे और झारखंड में दर्ज हो रहे फर्जी मामलों के विरोध में एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा. जयसवाल ने सभी प्रमंडल और जिला कमेटियों को सुझाव दिया है कि आप सभी तीन दिन के अंदर अपने जिला के‌ उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का काम शुरू कर दें.

ऐसोसिएशन के प्रदेश महासचिव प्रविंद पांडेय ने दो टूक कहा है कि जादूगोड़ा थाना प्रभारी को अविलंब निलंबित किया जाना चाहिए ताकि पत्रकारों के परिजनों को प्रताड़ित करने की यह परंपरा समाप्त हो.वे बोले ये कहां का न्याय है कि पत्रकारों को फर्जी मामले दर्ज कर जेल भेजने के लिए उनके परिवार के सदस्यों से अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाए.

ऐसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता अरूण मांझी ने कहा है कि इस मामले में हम सभी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व डीजीपी से मिलेंगे. वे बोले पहले भी झारखंड के कुछ जिलों में पत्रकारों पर लगभग 25-30 फर्जी मामले दर्ज किए गए हैं और लगभग सभी मामले 4-5 साल से जांच के नाम पर अकारण ही लंबित पड़े हुए हैं ताकि पत्रकार दबाव में रहें और अवैध धंधों पर ख़बरें न लिखें. ऐसोसिएशन के प्रदेश सलाहकार अभय पल्लिवार ने कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद नजर आ है इसलिए ऐसे मामलों पर सीआईडी जांच से ही सच्चाई बाहर आएगी.

इधर ऐसोसिएशन के जमशेदपुर जिला अध्यक्ष चरणजीत सिंह ने कहा कि तीन मार्च को ऐसोसिएशन द्वारा आशीष गुप्ता पर दर्ज फर्जी मामले का विरोध किया गया था और ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग को भी सूचित किया गया था. चरणजीत ने बताया कि इसके अलावा भी कोल्हान में दर्ज तीन-चार फर्जी मामले डीआईजी कोल्हान तक पहुंचाए गए थे, जिस पर अब तक क्या हुआ पता नहीं चल पाया है? सिंह ने कहा कि आज आशीष गुप्ता प्रकरण पर हो रही प्रक्रियाओं में कुछ विरोधी गुट के‌ पत्रकार भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, ताकि आशीष गुप्ता को जेल भेजा जा सके. ऐसोसिएशन के प्रदेश से लेकर जिला तक के पत्रकार अब चुप नहीं बैठेंगे क्यों कि एक तो बनावटी मामले दर्ज किए जा रहे हैं और अब तो आलम यह है कि परिजनों को भी तंग किया जा रहा है मानों पत्रकार न हो कोई दुर्दांत अपराधी पकड़ना हो.

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अक्सर ऐसा देखा गया है कि पत्रकारों को अवैध धंधों पर खबर लिखने या सवाल पूछने पर सुनियोजित तरीके से फंसाया जा रहा है.आशीष गुप्ता के मामले में थाना प्रभारी से हुई बहस के बाद ही जादूगोड़ा थाना प्रभारी अभिषेक कुमार पत्रकार और उसके परिवार को टारगेट कर परेशान करते आ रहे हैं. जब तक थाना प्रभारी को हटाया नहीं जाएगा, ऐसोसिएशन चुप नहीं बैठेगा, विरोध जारी रहेगा.

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