फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

नई दिल्ली से जारी एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश में Ministry of Railways (रेल मंत्रालय) ने दक्षिण पूर्व रेलवे में शीर्ष स्तर पर बदलाव की घोषणा की है। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दक्षिण पूर्व रेलवे के वर्तमान महाप्रबंधक Anil Kumar Mishra के सेवानिवृत्त होने के पश्चात उनके स्थान पर अतिरिक्त प्रभार Soumitra Majumdar को सौंपा गया है।

आदेश के अनुसार अनिल कुमार मिश्रा 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त (सुपरएनुएशन) हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक पद पर प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का अतिरिक्त प्रभार सौमित्र मजूमदार को दिया गया है। वर्तमान में मजूमदार दक्षिण पूर्व रेलवे में एजीएम (Additional General Manager) के पद पर कार्यरत हैं और भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं।

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सौमित्र मजूमदार को यह जिम्मेदारी नियमित नियुक्ति होने तक अथवा अगले आदेश जारी होने तक सौंपी गई है, जो भी पहले हो। इस दौरान वे महाप्रबंधक के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों का निर्वाहन करेंगे। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मजूमदार कब से औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करेंगे, इसकी सूचना अलग से दी जाएगी।

दक्षिण पूर्व रेलवे, जिसका मुख्यालय कोलकाता (गार्डनरीच) में स्थित है, भारतीय रेलवे के प्रमुख जोनों में से एक है और इसका संचालन पूर्वी भारत के कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर होता है। ऐसे में महाप्रबंधक का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो पूरे जोन के संचालन, विकास कार्यों, यात्री सुविधाओं और राजस्व प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है। सौमित्र मजूमदार को इस महत्वपूर्ण पद का अतिरिक्त प्रभार मिलने से यह संकेत मिलता है कि रेलवे प्रशासन निरंतरता और सुचारू संचालन बनाए रखने के लिए अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप रहा है।

मजूमदार के पास रेलवे प्रशासन का व्यापक अनुभव है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि वे इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाएंगे।
वहीं, अनिल कुमार मिश्रा के कार्यकाल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में दक्षिण पूर्व रेलवे ने कई विकासात्मक कार्यों और परिचालन सुधारों को सफलतापूर्वक लागू किया। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद अब नई जिम्मेदारी के साथ मजूमदार के सामने इस जोन के कार्यों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।

इस नियुक्ति से दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रशासनिक ढांचे में स्थिरता बनी रहेगी और विभिन्न परियोजनाओं तथा सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम कदम माना जा रहा है।

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