टाटा स्टील के कारखाना के भीतर आमसभा में यूनियन सदस्यों ने लगा दी मुहर
यूनियन के कमेटी मेंबरों की संख्या घटते हुए अधिकतम 160 हो जाएगी
भारत सरकार का राजपत्र निकल गया तो यूनियन का कार्यकाल पांच साल
और भी कई तरह के बदलाव को आमसभा से मिल गई स्वीकृति
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
टाटा वर्कर्स यूनियन का संविधान अब बदल जाएगा. इसकी आखिरी अड़चन भी शनिवार को दूर हो गई. टाटा स्टील के वर्क्स जनरल ऑफिस लॉन में यूनियन की आमसभा हुई. इसमें यूनियन के संविधान के कुछ पहलुओं में बदलाव के लिए साधारण सदस्यों की सहमति मिल गई. अब श्रम एवं नियोजन विभाग की मंजूरी मिलने के बाद यह प्रभावी हो जाएगा. हां, आमसभा हुई तो टाटा स्टील के कर्मचारियों को 4/4 सौ रुपए की मिठाई खाने का मौका जरूर मिल गया. 31 दिसंबर तक मिठाई के कूपन लेकर छप्पन भोग, गणगौर, शालिग्राम, पूजा और सागर स्वीट्स जाइए. परिवार के साथ अपने बेहतर भविष्य पर गुफ्तगू करते हुए मिठाई खाइए.

टाटा वर्कर्स यूनियन की आमसभा महज आधा घंटा तक चली. यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी ने स्वागत भाषण दिया. आर रवि प्रसाद के कार्यकाल में पिछली आमसभा हुई थी. उस वक्त भी यूनियन के संविधान में ही बदलाव किया गया था. पिछली आमसभा हुए लगभग एक दशक होने को है. टुन्नू चौधरी ने तब से अब तक कर्मचारी हित में हुए कार्यों की विवरणी पेश की. संविधान संशोधन के मसले पर यूनियन महामंत्री सतीश सिंह ने सारी बातें रखी.

यूनियन कोषाध्यक्ष अमोद दुबे ने पिछले वित्तीय वर्ष का आय व्यय पेश किया. सदस्यों से यह भी बोले कि किसी को कोई शंका है तो उनसे यूनियन कार्यालय में आकर मिल सकते हैं. डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. आमसभा में आए कर्मचारियों ने हाथ उठाकर संविधान में बदलाव को मंजूर किया.

अब यूनियन में कमेटी मेंबर की संख्या 160 तक हो जाएगी. हां, शर्त यह भी है कि 50 कर्मचारी पर एक सीट बनेगी. यदि अगले चुनाव में 10 हजार कर्मचारी होंगे तो सीट 200 होगी. जैसे जैसे कर्मचारी घटते जाएंगे, कमेटी मेंबर भी कम होते जाएंगे. टाटा स्टील के अलग अलग डिवीजन में अलग अलग यूनियन है. यह भी तय हुआ कि टाटा वर्कर्स यूनियन बाकी यूनियन के लिए फेडरेशन का काम करेगी.
कमेटी मेंबर और ऑफिस बेयरर के चुनाव में प्रस्तावक और अनुमोदक की संख्या भी कम कर दी गई है. यह भी व्यवस्था की गई है कि अब टाटा स्टील के ही पूर्व कर्मचारी का को ऑप्शन किया जा सकेगा, किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं. सबसे अहम. भारत सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव किया है. जो भी बदलाव होगा, उसे टाटा वर्कर्स यूनियन आत्मसात कर लेगी. उसके तहत यूनियन का कार्यकाल बढ़ा कर पांच साल किया जाता है तो वह भी मान्य होगा.
वैसे, यूनियन की वर्तमान कार्यकारिणी का चुनाव महज तीन साल के लिए हुआ है. ऐसे में वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल पांच साल हो सकता है या नहीं, इस पर विधि विशेषज्ञ ही मार्गदर्शन कर सकते हैं. आमसभा में यूनियन के ऑफिस बेयरर डॉ शहनवाज आलम, संजीव कुमार तिवारी, राजीव चौधरी, संजय सिंह, अजय चौधरी, श्याम बाबू और नितेश राज भी मंच पर मौजूद थे. उन सबने भी कर्मचारियों का अभिवादन किया.


