‘रन फॉर द ग्रीनर टुमॉरो’ की थीम पर होगा 11वां आयोजन, 9.18 लाख रुपये की पुरस्कार राशि; पहली बार 5 किमी दौड़ने वालों को भी मिलेगा मेडल
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
इस बार जमशेदपुर की सड़कों पर सिर्फ कदमों की रफ्तार नहीं दिखेगी, बल्कि हर कदम के साथ हरियाली बढ़ाने का संदेश भी आगे बढ़ेगा। कोई अपनी फिटनेस के लिए दौड़ेगा, कोई अपनी क्षमता आजमाएगा, तो कोई पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जुड़ेगा। खास बात यह है कि टाटा स्टील जमशेदपुर हाफ मैराथन में रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर प्रतिभागी के नाम पर एक पौधा लगाया जाएगा।
टाटा स्टील ने 11वीं जमशेदपुर हाफ मैराथन की घोषणा कर दी है। 29 नवंबर को होने वाले इस आयोजन की थीम ‘रन फॉर द ग्रीनर टुमॉरो’ यानी ‘हरित भविष्य के लिए दौड़’ रखी गई है। कंपनी का उद्देश्य खेल, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर लाकर शहर के अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ना है। आयोजन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।
दौड़ खत्म होने के बाद भी जारी रहेगी हरियाली की कहानी
इस बार मैराथन की सबसे खास पहल पौधरोपण है। प्रत्येक पंजीकृत प्रतिभागी के नाम पर एक पौधा लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, प्रतिभागियों को बाद में पौधरोपण स्थल पर जाकर अपने नाम से लगाए गए पौधे को देखने का अवसर भी मिलेगा।
इस पहल के जरिए आयोजन को केवल एक दिन की खेल गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की कोशिश की गई है। संदेश साफ है—फिट रहने के लिए दौड़िए और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली बचाने में भी योगदान दीजिए।
तीन श्रेणियों में दौड़, 9.18 लाख रुपये की इनामी राशि
मैराथन के 11वें संस्करण में हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाएगी। तीनों श्रेणियों में पुरुषों और महिलाओं के लिए पुरस्कार रखे गए हैं। कुल पुरस्कार राशि 9.18 लाख रुपये है।
हाफ मैराथन: पुरुष और महिला वर्ग में प्रथम स्थान हासिल करने वाले धावक को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। दूसरे स्थान पर 75 हजार, तीसरे पर 51 हजार, चौथे पर 31 हजार और पांचवें स्थान पर आने वाले धावक को 11 हजार रुपये दिए जाएंगे।
10 किलोमीटर दौड़: दोनों वर्गों में विजेता को 51 हजार रुपये मिलेंगे। दूसरे स्थान के लिए 41 हजार, तीसरे के लिए 31 हजार, चौथे के लिए 21 हजार और पांचवें स्थान के लिए 11 हजार रुपये निर्धारित हैं।
5 किलोमीटर दौड़: पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 10-10 हजार रुपये मिलेंगे। दूसरे स्थान पर 8 हजार, तीसरे पर 7 हजार, चौथे पर 6 हजार और पांचवें स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 5 हजार रुपये दिए जाएंगे।
पहली बार 5 किमी दौड़ने वालों को भी मेडल
आयोजन में अनुभवी धावकों के साथ नए प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहित करने की तैयारी है। पहली बार 5 किलोमीटर दौड़ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को भी मेडल दिया जाएगा। इसके अलावा, पहले की तरह 2 किलोमीटर की दौड़ भी आयोजन का हिस्सा रहेगी।
टीमों, रनिंग ग्रुप्स और दोस्तों को सामूहिक रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रुप डिस्काउंट की सुविधा भी शुरू की गई है। वहीं, 15 नवंबर या उससे पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाले प्रतिभागियों को उनके नाम वाले विशेष रेस बिब दिए जाएंगे।
प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए इस बार बायोडिग्रेडेबल गिलासों का उपयोग भी किया जाएगा। इस तरह आयोजन में खेल के साथ पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाने पर भी जोर रहेगा।
एक दशक में शहर के प्रमुख खेल आयोजनों में बनाई पहचान
पिछले दस वर्षों में टाटा स्टील जमशेदपुर हाफ मैराथन ने शहर के प्रमुख खेल आयोजनों में अपनी जगह बनाई है। इसके दसवें संस्करण में 4,200 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था। इसमें धावकों के साथ परिवारों, फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों और शहर के नागरिकों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक पहचान दिलाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज डी. बी. सुंदरा रामम ने कहा कि जमशेदपुर हाफ मैराथन स्वास्थ्य, सहनशक्ति और सामूहिक भावना का उत्सव बन चुका है। उन्होंने खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से सामुदायिक विकास, संपूर्ण स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
खेल और सामुदायिक भागीदारी पर टाटा स्टील का जोर
टाटा स्टील लंबे समय से खेल सुविधाओं के विकास, नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर खेलों को प्रोत्साहित करने में योगदान देती रही है। कंपनी के विभिन्न खेल आयोजनों में कोलकाता का टाटा स्टील वर्ल्ड 25K, नोआमुंडी रन-अ-थॉन और कपिलाश हाफ मैराथन भी शामिल हैं। इन आयोजनों के जरिए लोगों को सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस वर्ष जमशेदपुर हाफ मैराथन में IHCL हॉस्पिटैलिटी पार्टनर के रूप में जुड़ा है।
शहरवासियों से भागीदारी की अपील
11वें संस्करण के लिए टाटा स्टील ने शहरवासियों, रनिंग ग्रुप्स, शिक्षण संस्थानों, कॉरपोरेट संगठनों और परिवारों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।
इस बार मैराथन का संदेश केवल दौड़ में जीत हासिल करने तक सीमित नहीं है। मकसद है कि लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हों, खेलों से जुड़ें और पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। दौड़ के दिन हासिल की गई रफ्तार भले ही थम जाए, लेकिन प्रतिभागियों के नाम पर लगाए गए पौधों के जरिए हरित भविष्य की यह मुहिम आगे बढ़ती रहेगी।


































