वाह अध्यक्ष जी, बहुत बढ़िया वेज रिवीजन किया…बोलते हुए कमेटी मीटिंग से निकल गए रुपेश पांडेय

वेज समझौता की आधा बात सुनने के बाद ही दर्जनों कमेटी मेंबर एसएनटीआई सभागार से निकल गए बाहर

सालों टुन्नू और सतीश का साथ निभाने वाले संतोष पांडेय बोले, ऐतिहासिक इसलिए क्योंकि उम्मीद से भी अधिक खराब

टुन्नू दिल्ली रवाना, कमेटी मेंबर कारखाना गए तो कर्मचारियों ने ऐसी घेराबंदी की कि जवाब देने में छूटा पसीना

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में वेज रिवीजन का समझौता होने के बाद टाटा वर्कर्स यूनियन के भीतर खदबदाहट है. कमेटी मेंबरों का बड़ा समूह इस कदर खलबलाया हुआ है कि शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की बात खुलेआम करने लगा है. वेज समझौता करने के बाद टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी उर्फ टुन्नू दिल्ली रवाना हो गए. गुरुवार को कमेटी मेंबर कारखाना गए तो उन्हें कर्मचारियों के इतने सवालों का सामना करना पड़ा कि जवाब देने में पसीने छूट गए.

यूनियन के भीतर की उथल पुथल का इशारा बुधवार को एसएनटीआई सभागार में ही मिल गया. कमेटी मीटिंग में वेज समझौता की बातें बताई जा रही थी कि सिक्योरिटी विभाग के कमेटी मेंबर रूपेश पांडेय व्यंग्यात्मक लहजे में तालियां बजाते हुए बोले, वाह वाह अध्यक्ष जी बहुत बढ़िया किया…और इसके बाद वो हाउस से बाहर निकल गए. उनके पीछे पीछे दर्जन भर से ज्यादा कमेटी मेंबर अधूरी मीटिंग से ही निकल गए. संदेश साफ था कि अबकी बार जातिवाद, भय या किसी भी तरीके से कमेटी मेंबरों को अपने पाले में लाया नहीं जा सकता.

वेज समझौता का दस्तावेज पढ़ने के लिए पहली बार टुन्नू ने पहना चश्मा

एसएनटीआई सभागार में वेज समझौता बताने के लिए कमेटी मीटिंग आहूत की गई थी. वेज समझौता की प्रमुख बातों या हाइलाइटर की कॉपी सभी ऑफिस बेयरर्स को दी गई थी. किसी ऑफिस बेयरर्स ने कमेटी मेंबर को वह कॉपी भेज दी। सोशल मीडिया के जरिए वही कॉपी कारखाना के भीतर पहुंच गया. महज कुछ मिनट में हजारों कर्मचारियों के पास वेज की प्रमुख बातें पहुंच चुकी थी. इसी बीच यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी वेज समझौता बताने के लिए बार बार चश्मा संभाल रहे थे। बोले भी कि वेज पढ़ने के लिए पहली बार चश्मा पहने हैं. इसलिए बताने में दिक्कत हो रही है. इसी बीच कमेटी मेंबर विमल कुमार घुसे तो उन्होंने किसी ऑफिस बेयरर्स को टारगेट किया. माहौल गरम हो गया. इसी बीच टुन्नू किसी तरह वेज समझौता बताने की कोशिश करते रहे.

अरविंद पांडेय ने कुछ सवाल पूछना चाहा. आखिरकार टुन्नू बोल दिए कि पहले यह बताइए कि किस पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं. टुन्नू के संबोधन के दौरान कुछ कमेटी मेंबर अनायास तालियां बजाने लगे. टुन्नू समझ गए कि यह विरोध का तरीका है. टुन्नू चाहते थे कि महामंत्री सतीश सिंह वेज समझौता के बारे में बताएं. कई बार उन्हें बुलाया. सतीश ने डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह को आगे कर दिया. शैलेश सिंह का संबोधन शुरू होने के दौरान कमेटी मेंबर सभागार से निकलना शुरू कर दिए थे. कमेटी मीटिंग हो या यूनियन कार्यालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस, महामंत्री सतीश सिंह बोलने से परहेज करते नजर आए.

अरविंद बोले, यूनियन नेतृत्व को बहुत महंगा पड़ेगा यह समझौता

टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने भी बुधवार को कमेटी मीटिंग में जोरदार तरीके से विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि यह समझौता न ओल्ड ग्रेड के लिए फायदेमंद रहा है न एनएस के लिए. एनएस के डीए प्रति प्वाइंट वेल्यू में तनिक भी बढ़ोत्तरी नहीं।की गई. उनकी एमजीबी में भी सीलिंग लगा दी गई. यूनियन नेतृत्व ने उम्मीदों के विपरीत भत्तों में मामूली बढ़ोत्तरी कराई है जो निराशाजनक हैं.

एनएस ग्रेड को दरकिनार किया गया है. यूनियन नेतृत्व कर्मचारियों के हक में सौदेबाजी करने में पूरी तरह विफल रहा है. वेतन में मामूली बढ़ोतरी से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है. ठगा हुआ महसूस कराया गया है. यूनियन नेतृत्व का यह रवैया आने वाले समय में महंगा साबित होगा.

संतोष पांडेय बोले, वेज समझौता में यूनियन के कारण देर हुई और एरियर में कर्मचारी को सजा

टुन्नू चौधरी और सतीश सिंह के पुराने सहयोगी रहे संतोष पांडेय ने वो तेवर दिखाए कि पूरा हाउस सन्न रह गया. उन्होंने कहा कि ये समझौता इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि किसी ने भी इतना खराब होने की उम्मीद नहीं की. यूनियन नेतृत्व ने समझौता करने में विलंब किया और एरियर में कर्मचारियों को इसकी सजा मिली. इतिहास में पहली बार एरियर में कटौती हो रही है. एनएस ग्रेड के वेतनमान में सुधार के लिए कुछ नहीं हुआ. उनकी एमजीबी तक फ्रीज कर दी गई. संतोष पांडेय के संबोधन के दौरान यूनियन के ऑफिस बेयरर्स निकल गए.

उम्मीद के मुताबिक समझौता करने में यूनियन का नेतृत्व नाकामयाब रहा : आरसी झा

वेज समझौता पर आर सी झा ने कहा कि जैसी उम्मीद थी, वैसा समझौता करने में यूनियन नेतृत्व विफल रहा. इसका मुख्य कारण यह था कि यूनियन के सभी पदाधिकारियों का ग्रेड पर फोकस कम रहा. उनमें आपसी समन्वय और विश्वास की भी कमी रही. पदाधिकारी ग्रेड से ज्यादा यूनियन का टर्म बढ़ाने और आपसी राजनीति में लगे रहे. उन्होंने कहा कि इसी वजह से अच्छी सौदेबाजी नहीं हो सकी. इस समझौता ने सभी कर्मचारियों को निराश किया है.

राकेश्वर पांडेय ने टाटा स्टील के वेज रिवीजन पर टुन्नू और उनके साथियों को बधाई दी

इंटक के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने टाटा स्टील के वेज समझौता को ऐतिहासिक बताया और टुन्नू एवं उनके साथियों को बधाई दी. उन्होंने कहा, विश्वास है कि टाटा वर्कर्स यूनियन के सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी समिति के सदस्य कंपनी के भविष्य के विकास के लिए पूरा सहयोग देंगे.

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