फतेह लाइव, रिपोर्टर


एनएच 33 पर आसनबनी से डांगा तक बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य के दौरान स्मार्ट बाजार के सामने स्थित राम लक्ष्मण हनुमान मंदिर के पास लंबी और ऊंची बैरिकेडिंग से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया था. इस बैरिकेडिंग के कारण सड़क संकरी हो गई थी, जिससे न केवल यातायात में कठिनाई हो रही थी बल्कि रामनवमी उत्सव मनाने में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी. मंदिर समिति के लोगों ने झंडा लगाने और सजावट करने में कठिनाई महसूस की, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने हंगामा कर निर्माण कार्य को पूरी तरह से रोक दिया.
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भाजपा नेता विकास सिंह के नेतृत्व में की गई थी बैरिकेटिंग हटाने की मांग
स्थानीय लोगों ने विकास सिंह को इस समस्या की जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत एनएचएआई के अधिकारियों से संपर्क कर बैरिकेडिंग हटाने की मांग की. विकास सिंह ने अधिकारियों को बताया कि निर्माण कार्य का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, लेकिन वर्तमान कार्य शैली से लोगों को असुविधा और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. अधिकारियों ने प्रारंभ में इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब स्थानीय लोगों ने लगातार दबाव डाला तो कार्य को रोक दिया गया और बैरिकेडिंग हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई.
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रामनवमी उत्सव के लिए संकट दूर, बैरिकेडिंग हटाने के बाद कार्य आरंभ
बैरिकेडिंग हटाने के बाद मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने विकास सिंह को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और उनके नेतृत्व की सराहना की. मंदिर समिति ने कहा कि बैरिकेडिंग आम जनता के लिए एक बड़ी समस्या बन गई थी, जिससे अब राहत मिली है. इसके बाद एनएचएआई और संवेदक के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्य को फिर से शुरू किया. आंदोलन में विकास सिंह, दयाकांत तिवारी, शेखर सिंह, मदन वर्मा, नितिन वर्मा, अश्वनी सिंह, मनोज प्रसाद, संदीप शर्मा, विजय वर्मा, दीपक प्रसाद सहित राम मंदिर हनुमान मंदिर समिति के सदस्य मौजूद थे.